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कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में कॉलेज-कोचिंग खोले जाने पर सहमति, स्कूलों को करना होगा इंतजार

कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में कॉलेज कोचिंग खोलने पर सहमति बनी, 15 अगस्त के बाद खोले जा सकते हैं कॉलेज- कोचिंग, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लेंगे अंतिम फैसला
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govind singh dotasara

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जयपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने के बाद अब कॉलेज और कोचिंग खोले जा सकते हैं। इसे लेकर मंगलवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में सहमति बनी है। हालांकि बड़ी कक्षाओं के स्कूल खोले जाने को लेकर बैठक में सहमति बनी है लेकिन फिलहाल स्कूलों को अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
कमेटी की बैठक में मंत्री रघु शर्मा, गोविंद सिंह डोटासरा, सुभाष गर्ग और भंवर सिंह भाटी शामिल हुए। इसके अलावा एसीएस स्कूल शिक्षा पीके गोयल, प्रमुख वित्त सचिव अखिल अरोड़ा, गृह विभाग के सचिव अभय कुमार और उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव एल मीणा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री लेंगे अंतिम फैसला

हालांकि सचिवालय में हुई कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में कॉलेज और कोचिंग खोलने पर सहमति बन गई हो लेकिन कॉलेज और कोचिंग खोलने पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की लेंगे। सब कमेटी अपनी रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को देगी जिसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस पर अपना फैसला लेंगे।

नवीं से बारहवीं तक के स्कूलों पर चर्चा
कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में नवी क्लास से 12वीं क्लास तक स्कूल खोले जाने पर लेकर भी चर्चा हुई है जिस पर बैठक में आम सहमति बन गई है।बैठक के बाद शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्कूल खोलने को लेकर लगभग सभी बिंदुओं पर कैबिनेट सब कमेटी की आम सहमति बन गई है।

सभी के सुझावों के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सौंपी जाएगी।इसके बाद अंतिम फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लेंगे। बताया जाता है कि बैठक में बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर ज्यादा जोर दिया गया है। छोटे बच्चों स्कूल फिलहाल नहीं खुलेंगे।

इन शर्तों के साथ खुलेंगे कॉलेज -कोचिंग
इधर कहा जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद स्कूल और कॉलेज खोले जा सकते हैं, बताया जाता है कि 18 साल से अधिक उम्र के युवा जिनके वैक्सीन की पहली या दोनों डोज लग चुकी है। उन्हें कॉलेज और कोचिंग बुलाया जा सकता है। इसके साथ ही कॉलेज और कोचिंग संस्थान पर भी स्टाफ के सभी सदस्यों को कोरोना वैक्सीन की डोज लगाने का नियम लागू किया जा सकता है।

हालांकि बच्चों को कॉलेज और कोचिंग भेजना है या नहीं इस पर अभिभावकों की सहमति जरूरी है। अगर कोई अभिभावक अपने बच्चों को कोचिंग या कॉलेज नहीं भेजना चाहते तो उन्हें बाध्य नहीं किया जाएगा।

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