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शुरू से विवादित रहे बर्खास्त IPS अधिकारी पंकज चौधरी, सरकार ने दी कई चार्जशीट

वर्ष 2009 बैच के अधिकारी रहे पंकज चौधरी (IPS officer Pankaj Choudhary) मूलत: वाराणसी निवासी हैं। राजस्थान में उनकी पुलिस अधीक्षक के तौर पर पहली पोस्टिंग कांग्रेस राज में फरवरी 2013 को जैसलमेर में हुई थी।

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IPS Pankaj Choudhary

जयपुर। वर्ष 2009 बैच के अधिकारी रहे पंकज चौधरी (IPS officer Pankaj Choudhary) मूलत: वाराणसी निवासी हैं। राजस्थान में उनकी पुलिस अधीक्षक के तौर पर पहली पोस्टिंग कांग्रेस राज में फरवरी 2013 को जैसलमेर में हुई थी। वहां वर्तमान मंत्री सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने पर विवाद हुआ था। विवाद के बाद उन्हें अगस्त 2013 को ही हटा दिया गया था। इसके बाद जनवरी 2014 में भाजपा सरकार ने बूंदी जिला पुलिस अधीक्षक बनाया। यहां फिर विवाद में आए जब नैनवा में साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस मुख्यालय और सरकार ने उनकी भूमिका पर सवाल उठाया। उन्हें एपीओ कर चार्जशीट दी गई।

कुछ दिन एपीओ रहने के बाद उनकी पोस्टिंग आरएसी दिल्ली में की गई। वहां उनका आरएसी के आला अधिकारी से विवाद हो गया। नैनवा मामले के अलावा अधिकारियों के खिलाफ विवादित बोल को लेकर भी चौधरी को चार्जशीट दी गई थी। विभिन्न मामलों को लेकर उन्हें चार चार्जशीट दी हुई है। हाल ही पंकज चौधरी का तबादला एससीआरबी से झालावाड़ पुलिस ट्रेनिंग सेंटर किया गया है। तभी से वे छुट्टियों पर चल रहे हैं।

बर्खास्त होने वाले दूसरे अधिकारी
प्रदेश में बर्खास्त होने वाले आइपीएस (IPS) में चौधरी दूसरे हैं। पहले महिला से दुराचार मामले में फरार आइपीएस मधुकर टंडन (IPS Madhukar Tandon) को बर्खास्त किया गया था। फरारी के बाद टंडन को पुलिस तलाश नहीं पाई। कुछ माह पहले आइपीएस इंदुभूषण को अनिवार्य सेवानिवृत्त किया गया था।

पूर्व सरकार की एक पक्षीय कार्रवाई, कोर्ट से पूरी उम्मीद
नोटिस चस्पा होने के बाद पंकज चौधरी ने कहा कि यह पूर्व सरकार की एकतरफा कार्रवाई है। मेरा पारिवारिक मामला था, उसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट से 8 सितम्बर 2016 और 1 मई 2018 में निर्णय आया है। 2018 में तो उनका तलाक होने का निर्णय था। पूर्व सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों की प्रतिलिपि केन्द्र सरकार को नहीं भेजी।

इस कार्रवाई के खिलाफ कैट में चुनौती दूंगा। नोटिस के समय मैं घर पर नहीं था। नोटिस चस्पा देखकर पुलिस मुख्यालय में सतर्कता शाखा के एडीजी और डीआइजी से बात की। एडीजी अवकाश पर थे और डीआइजी ने नोटिस भिजवाने के लिए कहा, लेकिन बुधवार रात तक उन्हें नोटिस तामिल नहीं करवाया गया। उधर, पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल चौधरी ने झालरापाटन से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लडऩे का प्रयास किया था, हालांकि कांग्रेस ने उन्हें टिकट नहीं दिया था।