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Cow Politics : महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान में गाय को राज्यमाता का दर्जा देने की तैयारी, गरमाई सियासत

अब महाराष्ट्र के बाद राजस्थान में गाय को राज्य माता का दर्जा देने की तैयारी हो रही है।

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Jaipur News : राजस्थान में गाय के नाम पर सियासत गरमा गई है। जोधपुर में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा है कि राज्य में गाय को 'राज्य माता' का दर्जा दिया जाएगा। ऐसे में अब महाराष्ट्र के बाद राजस्थान में गाय को राज्य माता का दर्जा देने की तैयारी हो रही है। वहीं मंत्री पटेल ने बताया कि सरकार गौ-तस्करों को जमानत मिलने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।

बता दें कि हाल ही में नाडोली (करौली) के गौ-तस्करी के आरोपी नाजिम खान को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। बताया गया है कि राजस्थान सरकार की तरफ से मामले में किसी अधिवक्ता की उपस्थिति नहीं होने के कारण आरोपी को जमानत मिल गई। इस घटना ने राज्य सरकार की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालिया गाय को लेकर राजनीति गरमा गई है। वह इसलिए हो रहा है क्योंकि भजनलाल सरकार ने गाय को 'आवारा' कहने पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है। नए आदेश के अनुसार, गाय के लिए अब 'निराश्रित' या 'बेसहारा' जैसे शब्दों का उपयोग करना होगा। सभी सरकारी आदेशों, दिशा-निर्देशों, और सूचना पत्रों में 'आवारा' शब्द की जगह 'गौवंश' का उपयोग किया जाएगा।

इस पर नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने वालों को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा था कि "मुंह में राम, बगल में छूरी" यह बीजेपी वालों की असलियत है। जूली ने बताया कि 2021 में करौली जिले में पुलिस ने नाजिम खान और उसके कुछ साथियों को 26 गोवंशों की तस्करी करते पकड़ा था। उन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाया गया था। सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

सुप्रीम कोर्ट में जमानत के मामले में राजस्थान सरकार की ओर से कोई वकील नहीं भेजा गया था। जिसके कारण आरोपी को जमानत मिल गई। अदालत ने कहा कि 8 अक्टूबर 2024 को सरकार को नोटिस दिया गया था, लेकिन ना तो वकालतनामा पेश किया गया और ना ही कोई काउंसिल उपस्थित हुई। जूली ने इसे प्रदेश का बड़ा दुर्भाग्य बताया।