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गहलोत सरकार की इस योजना पर संकट, बेरोजगारों के 220 करोड़ रुपए अटके

Chief Minister Yuva Sambal Yojana : राजस्थान में गहलोत सरकार की छुट्टी के साथ-साथ उनकी योजनाओं की भी छुट्टी हो रही है। पूर्ववर्ती सरकार में शुरू की गई योजना बजट की कमी के कारण भाजपा सरकार में अटक गई है।

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जयपुर

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Supriya Rani

Mar 02, 2024

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Chief Minister Yuva Sambal Yojana : राजस्थान में गहलोत सरकार की छुट्टी के साथ-साथ उनकी योजनाओं की भी छुट्टी हो रही है। पूर्ववर्ती सरकार में शुरू की गई मुख्यमंत्री युवा संबल योजना बजट की कमी के कारण भाजपा सरकार में अटक गई है। प्रदेश के दो लाख बेरोजगारों को पिछले चार महीने से भत्ता नहीं दिया जा रहा है। आचार संहिता के बाद अक्टूबर 2023 से बेरोजगारों का भत्ता बंद हुआ था।

प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के तीन महीने बाद भी अब तक भत्ता शुरू नहीं हुआ है। रोजगार विभाग की ओर से हर महीने दो लाख बेरोजगारों को करीब 55 करोड़ का भत्ता जारी किया जाता है। ऐसे में पिछले चार महीने से भत्ता नहीं मिलने के कारण बेरोजगारों के 220 करोड़ रुपए खातों में आने से अटक गए हैं। कांग्रेस सरकार की इस योजना पर भाजपा सरकार में जारी रखने को लेकर संशय बना हुआ है।

रोजगार विभाग में करीब 20 लाख बेरोजगार पंजीकृत हैं। इन बेरोजगारों ने भत्ते के लिए आवेदन कर रखा है। विभाग की ओर से दो साल के लिए भत्ता दिया जाता है। ऐसे में दो लाख बेरोजगारों की सीमा तय कर रखी है। दो लाख बेरोजगारों को भत्ता दिए जाने के बाद अगले दो लाख को भत्ता जारी किया जाता है। योजना के तहत भत्ता लेने वाले बेरोजगारों के पास डिप्लोमा या डिग्री होने चाहिए। इन बेरोजगारों को इंटर्नशिप कराई जाती है, जिनके पास डिग्री - डिप्लोमा नहीं हैं, उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है।

युवा संबल योजना के तहत पुरुष बेरोजगारों को चार हजार, महिला और ट्रांसजेंडर बेरोजगार को साढ़े चार हजार रुपए का बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। विभाग की ओर से हर महीने बेरोजगारी भत्ते का बिल जारी किया जा रहा है। लेकिन वित्त विभाग की ओर से इस योजना में बजट जारी नहीं किया जा रहा है।

राजस्थान युवा बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष राधे मीणा ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता बेरोजगारों के लिए संजीवनी बूटी का काम कर रहा था। इससे वे अपनी पढ़ाई, रूम का खर्चा, किताब और लाइब्रेरी फीस भरते थे। लेकिन अब भत्ता बन्द होने से बेरोजगारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। सरकार वापस भत्ता शुरू करे।

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