
farmers relief: जयपुर. राजस्थान के कई हिस्सों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवाती प्रभाव से किसानों को हुए नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने संवेदनशील रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस स्थिति पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का जल्द से जल्द सर्वे कराकर विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजें, ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके ।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ी है । उन्होंने कहा कि “किसानों की पीड़ा हमारी पीड़ा है” और राजस्थान की समृद्धि का आधार अन्नदाता हैं । ऐसे संकट के समय में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक प्रभावित किसान तक शीघ्र और समुचित सहायता पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए ।
इसी बीच, किसानों के लिए राहत भरी खबर यह भी है कि बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम का लाभ मिलेगा। कृषि विभाग के अनुसार, कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई रबी फसल यदि 14 दिनों के भीतर प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हो जाती है, तो उसे भी बीमा कवरेज में शामिल किया गया है। इससे किसानों को व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान की भरपाई मिल सकेगी।
हालांकि, बीमा क्लेम का लाभ लेने के लिए किसानों को फसल खराबे की सूचना 72 घंटे के भीतर देना अनिवार्य होगा। इसके लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447, संबंधित बीमा कंपनी, नजदीकी कृषि कार्यालय या बैंक के माध्यम से सूचना दर्ज करा सकते हैं।
कृषि विभाग ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्राप्त सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करते हुए फील्ड सर्वे शुरू करें, ताकि नुकसान का सही आकलन कर समय पर क्लेम का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, विभागीय अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने और किसानों को त्वरित राहत दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस तरह राज्य सरकार और कृषि विभाग के समन्वित प्रयासों से प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
Updated on:
21 Mar 2026 10:06 am
Published on:
21 Mar 2026 10:06 am
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