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स्मार्ट सिटी निर्माण के लिए करोड़ो का खर्चा फिर भी हालत जर्जर

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सभी काम हुए बेकार, महीने भर भी नहीं टिक पाया काम

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जयपुर . शहर को स्मार्ट बनाने का दावा करने वाले निगम और उसके अधिकारी कितने मुस्तैद हैं इसकी बानगी इन दिनों परकोटा में आसानी से देखी जा सकती है। केन्द्रीय टीम के दौरे के दौरान से ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत परकोटे की दीवारों, हेरिटेज साइट्स, मॉन्यूमेंट्स और रंग-रोगन करवाया गया था लेकिन टीम के रवाना होते ही सबकुछ पुराने ढर्रे पर आ गया। लोगों की मानें तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सिवाय जनता के पैसों की बर्बादी के और कुछ नहीं हुआ।

स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट को लगभग महीने भर ही हुआ है। अजमेरी गेट , किशनपोल, त्रिपोलिया, गंगापोल आदि जगहों पर स्मार्ट सिटी का कार्य जोरों पर चल रहा है लेकिन हाल तो यह है गंगापोल में महीने भर में हुए स्मार्ट सिटी कार्य की असलियत दिखने लगी है। गंगापेाल गेट, अजमेरी गेट सभी की हालत खराब हो गई है। अजमेरी गेट में बने पिल्लर ही उखड़ कर बाहर आ गए है। निगम अधिकारियों और स्मार्ट सिटी कमेटी के इतने दौरे होने के बावजूद ये हाल है।

जयपुर का प्रथम द्वार है गंगापोल गेट

गंगापोल गेट को जैपर का प्रथम द्वारा माना जाता है। जैपर स्थापना के समय सबसे पहले गंगापेाल गेट को ही पूजा जाता है। ऐतिहासिक दृष्टि से इस गेट का काफी महत्व है।

महीने भर भी नही टिका काम

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत गंगापोल गेट पर प्लास्टर करवाया गया था जो कुछ ही दिनों में उखड़ गया। इतना पैसा लगने के बाद भी गंगापोल गेट की हालत वो ही हो गई है। प्रशासन की अनदेखी या लापरवाही की वजह से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की असलियत सामने आती जा रही है।


ये हुआ हाल

- गेट पर किया हुआ प्लास्टर उखड़ा
- गंगापोल गेट पर हुई हैरिटेज पेन्टिंग खराब
- गेट पर आई दरारें
- नही की साफ सफाई

इतने दौरे, फिर भी हालात नही बदले

इस प्रोजेक्ट को लेकर महापौर, आयुक्त, उपमहापौर सभी ने काफी दौरे भी किए है। यहीं नही महीने में दो तीन बार दौरे हुए फिर भी उनकी देखरेख में ऐसा काम हुआ जो महीने भर भी नही टिक पाया।