
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/जयपुर/शाहपुरा. जयपुर में शुक्रवार तड़के पुलिस ने जिस वीरांगना को जबरन धरने से उठाया था वह 60 घंटे बाद हरमाड़ा क्षेत्र में मिली। वीरांगना मंजू जाट को हरमाड़ा स्थित आनंद विहार में रिश्तेदार के किराए के मकान में पुलिस की निगरानी में रखा हुआ है। पुलिस ने उन्हें शनिवार देर रात इस मकान में छोड़ा है। रविवार को दिनभर मकान के बाहर पुलिस जाप्ता तैनात रहा और हर आने-जाने वाले पर निगाह रखी जा रही है। पुलिस जाप्ते में तीन महिला कांस्टेबल समेत आठ पुलिसकर्मी घर के बाहर तैनात हैं।
इसके अलावा कॉलोनी के घुसने के रास्ते में भी पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं। पुलिस मंजू और उसके परिजन को आने-जाने पर कोई रोक नहीं लगा रही है। मंजू का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण बोल भी नहीं पा रही है। परिजन ने बताया कि चार दिन तक अनशन करने के कारण मंजू की तबीयत खराब हो गई। वह खाना भी नहीं खा पा रही है।
वहीं शहीद रोहिताश लाम्बा के भाई जितेन्द्र ने कहा कि छोटे भाई को नौकरी नहीं मिलने का नियम हमें भी पता है। लेकिन भाई की अंत्येष्टि में सरकार के मंत्री ही नौकरी दिलाने की घोषणा कर गए थे। जब नौकरी नहीं देनी थी तो घोषणा ही क्यों की। चार साल तक हमें झांसे में क्यों रखा।
किरोड़ी से मिले सिंह... कहा, राजनीति कर रहे हैं गहलोत: भाजपा प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह रविवार को सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीणा से मिले। उन्होंने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। सिंह के साथ प्रदेश महामंत्री भजनलाल भी थे। सिंह ने मीडिया से कहा कि शहीदों की वीरांगनाओं को सहायता देने के मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का रवैया असंवेदनशील रहा है। जबकि उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने वीरांगनाओं से मिलकर घोषणाएं की थी। सरकार के मंत्रियों को झूठी घोषणा नहीं करनी चाहिए थी। गहलोत शहीदों की वीरांगनाओं को गुटों में बांटकर राजनीति कर रहे हैं, जो अशोभनीय है।
हालत स्थिर, गर्दन की नस में सूजन
किरोड़ी को रविवार को तीसरे दिन भी अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली। हालांकि उनका स्वास्थ्य स्थिर है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि शनिवार को सांसद मीणा की एमआरआई, सीटी स्कैन समेत अन्य जांचें की गई थी। जिनकी रिपोर्ट देर रात प्राप्त हुई। जो सामान्य पाई गई। हालांकि मीणा के गर्दन की नस में सूजन है।
भरतपुर में वीरांगना घर पर नजरबंद
शहीद जीतराम गुर्जर की पत्नी सुंदरी देवी भरतपुर जिले नगर के निकट सुंदरावली गांव में अपने घर पर पुलिस पहरे में है। रविवार को सांसद रंजीता कोली ने उनसे फोन पर बात की तो दर्द झलक पड़ा। वीरांगना ने सांसद को फोन पर बताया कि हर वक्त पुलिस का पहरा है। हर समय पुलिसकर्मी घेरे खड़े हैं। हम खुली जेल सी सजा भुगत रहे हैं। हालांकि पुलिस किसी तरह की तकलीफ नहीं दे रही, लेकिन अपने ही घर में कैद होना सजा से कम नहीं है।
मां से मिल बच्चे हुए खुश, परिजनों ने ली राहत की सांस
राड़ावास/शाहपुरा. गोविन्दपुरा बासड़ी में देवरानी हंसा को शनिवार देर रात को पुलिस प्रशासन ने घर छोड़ दिया। उसके घर पहुंचने पर शहीद के परिजनों ने भी राहत की सांस ली। वीरांगना जयपुर निवास पर तथा देवरानी सास ससुर के पास गांव में है। वीरांगना के ससुर बाबूलाल व सास घीसी देवी ने बताया कि दो दिन से बच्चे अपनी मां से नहीं मिले थे। जैसे ही हंसा घर आई तो बच्चे भी खुश नजर आए।
तीसरे दिन भी लगा रहा तांता
किरोड़ी की कुशलक्षेम पूछने के लिए अस्पताल में तीसरे दिन भी जनप्रतिनिधियों का तांता लगा रहा। पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीणा, विधायक वेदप्रकाश सोलंकी, विधायक लाखन सिंह समेत अन्य कई जनप्रतिनिधि भी हाल-चाल पूछने आए।
Published on:
13 Mar 2023 11:25 am
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