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आम आदमी को बड़ा झटका, जीरे ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे दाम

महंगे रसोई गैस सिलेंडर और आटे के बाद अब महंगे मसालों ने आम आदमी को झटका दिया है।
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आम आदमी को बड़ा झटका, जीरे ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे दाम

आम आदमी को बड़ा झटका, जीरे ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे दाम

महंगे रसोई गैस सिलेंडर और आटे के बाद अब महंगे मसालों ने आम आदमी को झटका दिया है। बेमौसमी बारिश ने जीरे के दामों में ऐसी तेजी ला दी की, गरीब की थाली से जीरा कम नहीं गायब ही हो गया। 250 रुपए बिकने वाला जीरा अब 500 रुपए किलो पर पहुंच गया है। उत्पादक मंडियों में तो जीरे के दाम 50,000 रुपए क्विंटल के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गए हैं। जीरे के दाम में एक दिन में 9000 रुपए क्विंटल तक उछल चुके है।

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कम उत्पादन के कारण बढ़े हैं दाम

राजस्थान में मार्च के दौरान बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण जीरे की फसल बड़े पैमाने पर खराब हुई थी। देश में सबसे ज्यादा जीरा उत्पादन राजस्थान और गुजरात में ही होता है। गुजरात में भी बारिश का असर फसल पर पड़ा। इसके चलते दोनों ही राज्यों में जीरा उत्पादन उम्मीद से कम हुआ है। कम उत्पादन के बावजूद जीरे की मांग पहले से ज्यादा बढ़ रही है। इसके चलते ही दाम अचानक तेजी से बढ़े हैं।

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किसानों का रुझान जीरे की बजाय सरसों पर

मसाला कारोबारी रामअवतार अग्रवाल का कहना है कि गर्मी के कारण जीरा की बुवाई का रकबा घटा है। नवंबर-दिसंबर में गर्मी के कारण तापमान ज्यादा होने से किसानों ने जीरे की बजाय सरसों की फसल की बुवाई ज्यादा की। पहले से ही कम रकबे के बाद इस फसल पर इस बार के अप्रत्याशित मौसम का भी असर पड़ा है। देश में 85 लाख टन जीरे का उत्पादन होता था, जोकि पिछले दो सालों से 50 से 55 लाख टन के बीच सीमट कर रह गया है।