
चीथवाडी (जयपुर). उपखंड के सभी दूधारू पशुपालक इन दिनों बड़ी दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर पशु आहार के भाव चढ़ते जा रहे हैं, तो दूसरी ओर डेयरियों ने दूध के भाव गिरा दिए हैं। दूध की आवक बढऩे से डेयरियों की भंडारण क्षमता पूरी हो गई है। ऐसे में वे दूध नहीं ले रहे। इससे पशुपालकों के सामने दूध बेचने की समस्या खड़ी हो गई है। पिछले लगभग एक माह से उपखंड में ऐसी स्थिति बनी हुई है कि सुबह, दोपहर और शाम को दूध से भरे टैंकर डेयरियों के बाहर खड़े रहते हैं और डेयरियां दूध लेने से मना कर देती हैं। इससे दूध के भाव भी गिर गए हैं और गिरे भावों का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है। पशुपालकों का कहना है कि समय पर दूध का भुगतान नहीं होने से उन पर पशुआहार के भुगतान की उधारी बढ़ती जा रही है। यह पीड़ा अकेले चीथवाड़ी, जैतपुरा, सामोद, गोविंदगढ़ या किसी क्षेत्र विशेष की नहीं है, बल्कि सभी क्षेत्रों के उन पशुपालकों की है, जिनका परिवार पशुपालन पर निर्भर है।
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कहां गई सरकारी योजनाएं
प्रदेश के किसान और पशुपालकों के लिए सरकार कई योजनाओंं का दावा कर रही है, लेकिन सही मायने में ये योजनाएं कागजों में ही सीमित हैं। अधिकतर किसानों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। एक तरफ किसान मौसम की मार से परेशान रहता है, तो दूसरी तरफ दूध के गिरते भावों ने उन्हें चिंता में डाल दिया है। उन्हें उम्मीद रहती है कि दूध उत्पादन से अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे और परिवार का भरण पोषण कर सकेंगे, लेकिन वर्तमान में दूध डेयरियों की ओर से भाव गिराने और दूध लेने से मना कर देना पशुपालकों के लिए कष्टदायक साबित हो रहा है।
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उधारी कहां से चुकाएं पशुपालक
एक तरफ दूध के एकाएक भाव गिर गए हैं, वहीं दूसरी तरफ पशुआहार और चारे के भाव आसमां छू रहे हैं। किसान मंडी और बाजार से उधार में पशुआहार खरीदकर लाते हैं। किसानों का कहना है कि दूध के भाव गिरने से उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बाजार में उधारी चुकाने की है। पशुपालकों को दूध के भाव 5.50 रुपए प्रति फैट के हिसाब से दिए जा रहे हैं, जो कि पशुओं को खिलाने वाले पशु आहार और चारे की तुलना में काफी कम हैं।
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दूध का संकलन कर दिया कम
डेयरियों पर हालत यह है कि पशुपालकों को दूध कम लाने के लिए भी नसीहत दी जा रही है। पशुपालक बाबूलाल दादरवाल और अजय पंचोाली ने बताया कि डेयरी संचालक दूध लेने से हाथ खड़े कर रहे हैं। हालांकि डेयरी संचालकों को डेयरी प्रशासन से यही आदेश मिले हंै कि कैसे भी करके सुबह के दूध संकलन में 40 प्रतिशत की कमी लाई जाए।
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पशुआहर/बांट के भाव
- सरस पशुआहार 870 रुपए प्रति बैग
काकड़ा 3800 रुपए प्रति क्विंटल
- खल काकड़ा 2300 रुपए प्रति क्विंटल
- चना चुरी 2200 रुपए प्रति क्विंटल
- गुड़ 30.31 रुपए किलोग्राम
सूखा चारा भाव
- कुट्टी 215 से 220 रुपए मण
- गेहूं 240 से 250 रुपए मण
- जौ 240 रुपए मण
- चावल 205 से 210 रुपए मण
Published on:
19 Dec 2017 11:18 pm
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