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Krishna Paksha Dashami : दुख का दिन, ऐसे कम करें कष्ट

चंद्रमा की कलाएं कमजोर हो जाने के कारण कृष्ण पक्ष को शुभ नहीं माना जाता। कृष्ण पक्ष में भी दशमी तिथि को बेहद अशुभ माना गया है।

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Dashami Tithi Ka Mahatva Dashami Tithi Ke Upay

Dashami Tithi Ka Mahatva Dashami Tithi Ke Upay

जयपुर.
मासिक पंचांग में एक महीने को 30 दिनों में बांटा गया है। इन 30 दिनों को भी 15—15 दिनों के दो पक्षों में बांटा गया है। 15 दिन के एक पक्ष को कृष्ण पक्ष कहते है और 15 दिन के दूसरे पक्ष को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। शुक्ल और कृष्ण पक्ष का संबंध चंद्रमा की कलाओं से है। वैदिक शास्त्रों में इन दोनों पक्षों का अलग—अलग महत्व बताया गया है।

कृष्ण पक्ष दशमी पर नहीं किए जाते हैं शुभ कार्य
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार कृष्ण पक्ष के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना उचित नहीं होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि इसकी मुख्य वजह चंद्रमा की घटती हुई कलाएं होती है। पूर्णिमा के बाद जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ता है वैसे—वैसे चंद्रमा का प्रकाश कमजोर होने लगता है। चंद्रमा का आकार भी कम होने लगता है। चंद्रमा की कलाएं कमजोर हो जाने के कारण कृष्ण पक्ष को शुभ नहीं माना जाता। कृष्ण पक्ष में भी दशमी तिथि को बेहद अशुभ माना गया है।

भगवान स्कंद की करें उपासना
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के मुताबिक दशमी तिथि का स्वामी काल को माना गया है। यही कारण है कि दशमी का दिन कष्ट एवं दुःख का दिन होता है। इस दिन यत्नपूर्वक ही शांति मिल पाती है। दुखदर्द कम करने के लिए कृष्ण पक्ष की षष्ठी से दशमी तक भगवान स्कंद यानि कार्तिक स्वामी की उपासना करने को कहा गया है। इस तिथि पर कोई बड़ा सौदा अथवा लेन-देन नहीं करना चाहिए। 15 जुलाई को भी कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है हालांकि शिवजी के प्रिय सावन माह में होने के कारण यह तिथि तुलनात्मक रूप से नुकसानदायक नहीं होगी।