
Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को इमरजेंसी में जेल जाने वालों को पेंशन और सुविधाओं के लिए लाए गए लोकतंत्र सेनानी सम्मान बिल पर बहस हुई। इस दौरान मुल्जिम शब्द के इस्तेमाल पर सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। दरअसल कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इमरजेंसी के दौरान जेल जाने वालों को मुल्जिम कहा था। इस पर भाजपा ने आपत्ति जताई। इसके बाद कांग्रेस और बीजेपी विधायकों में जमकर नोंकझोंक हुई।
बहस के दौरान विधायक रफीक खान ने कहा कि आप जुर्म करने वाले मुल्जिमों को पेंशन देने का कानून ला रहे हो। ऐसे में मुल्जिम शब्द पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी। इस पर खान ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को मुल्जिम ही कहा जाता है। आपने आंदोलन कर रहे किसानों के साथ कैसा बर्ताव किया। किसान क्या लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है।
बहस के दौरान बीजेपी विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान भारी अत्याचार किया गया था। लोगों को मनमाने तरीके से जेल में डाल दिया गया था। एक नाबालिग स्वयंसेवक को इतना पीटा गया कि उसके कान के पर्दे तक फट गए थे। उन्होंने सरकार के सामने मांग रखी कि इमरजेंसी को सिलेबस में शामिल करके पढ़ाया जाए ताकि नई पीढ़ी को पता लगे।
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इस दौरान शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि जब वो लोकसभा चुनाव का नामांकन भरने के बाद घर पहुंचे तो वहीं इनकम टैक्स के नोटिस आए हुए थे। लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद मुझ पर तीन-तीन मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि यह बात राजस्थान के मुखिया और भाजपा ने बड़े नेताओं को पता नहीं होगी, लेकिन यह पीछे वाले लोग ऐसा करते हैं। इससे सरकार की बदनामी होती है। हम लोग जनता की आवाज को नहीं रखेंगे तो उस आवाज को कौन उठाएगा। जब जनता के दुख दर्द की बात कहते हैं तो कुछ लोग साजिश के तहत उसे दबाने का प्रयास करते हैं।
Updated on:
21 Mar 2025 09:51 pm
Published on:
21 Mar 2025 07:47 pm
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