
नई दिल्ली। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फिलहाल समन जारी नहीं करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर को निर्देश दिया है कि इस मामले की जांच कर 25 अप्रेल तक रिपोर्ट पेश करें। अब सुनवाई 25 अप्रेल को होगी।
एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हरजीत सिंह जसपाल ने गहलोत को समन जारी करने पर 23 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में गजेंद्र सिंह शेखावत समेत चार गवाहों के बयान दर्ज किए गए। शेखावत ने कहा कि संजीवनी घोटाले से मेरा कोई संबंध नहीं है। जांच एजेंसियों ने उन्हें आरोपी नहीं माना, केवल आरोप लगाए गए हैं। शेखावत ने यह भी आरोप लगाया कि अशोक गहलोत ने उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया है।
यह कहा था शेखावत की याचिका में
याचिका में कहा था कि अशोक गहलोत ने संजीवनी कॉपरेटिव सोसायटी घोटाले में शेखावत के खिलाफ स्पेशल आपरेशन ग्रुप(एसओजी) की जांच में आरोप साबित होने का सार्वजनिक बयान दिया। सीएम गहलोत ने यह ट्वीट भी किया कि संजीवनी कॉपरेटिव सोसायटी ने करीब एक लाख लोगों की गाढ़ी कमाई लूट ली। इस घोटाले में करीब नौ सौ करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप भी लगाया गया।
ट्वीट में यह भी कहा कि ईडी को संपत्ति जब्त करने का अधिकार है न कि एसओजी को। एसओजी ने कई बार ईडी से सोसायटी की संपत्ति जब्त करने का आग्रह किया है लेकिन ईडी ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की और विपक्ष के नेताओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
गहलोत ने ट्वीट के जरिए शेखावत को चुनौती दी थी कि अगर आप निर्दोष हैं तो आगे आइए और लोगों के पैसे वापस दिलाइए। इस सबका का हवाला देकर शेखावत ने याचिका में कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत ने उनका नाम एक ऐसी कॉपरेटिव सोसाइटी के साथ जोड़कर चरित्र हनन करने की कोशिश की, जिसमें न तो वे स्वयं और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य जमाकर्ता है।
इस तरह दर्ज हुए बयान
6 मार्च को गजेंद्र सिंह शेखावत और 7 मार्च को हर्ष पिचारा, 13 मार्च को गजेंद्र सिंह यादव व 15 मार्च को अश्विनी जे पी सिंह, ने बयान दर्ज कराए थे।
Updated on:
25 Mar 2023 09:32 am
Published on:
24 Mar 2023 08:53 pm
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