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शेखावटी में जल्द शुरू हो सकती है ये रेलसेवा, ऐसे बेहद आसान हो जाएगा सीकर से दिल्ली तक का सफर!

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जयपुर

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rohit sharma

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Updated: 20 Jul 2018, 5:48 AM IST

train for sikar

train

झुंझुनू /जयपुर

संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। ऐसे में राजस्थान के झुंझनू जिले को दिल्ली से जोड़ने के लिए प्रतिदिन ट्रेन का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के बाद हर राजस्थानी निगाहें आगामी मानसून सत्र पर टिकी हुई हैं। लोकसभा मे शून्यकाल के दौरान झुंझुनू सांसद संतोष अहलावत ने गुरुवार को झुंझुनू से दिल्ली के लिये नियमित ट्रेन की मांग रखी।


संसद के शून्यकाल में बोलते हुए झुंझुनूं सांसद संतोष अहलावत ने केंद्रीय रेल मंत्री के सामने मांग रखते हुए कहा कि दिल्ली सराय रोहिल्ला से सीकर तक चलने वाली गाड़ी संख्या 14021 - 14022 को नियमित किया जाएं। इस दौरान सांसद अहलवात ने कहा कि इस गाड़ी को चलाने का मुख्य उद्देश्य जिलेवासियों को एक ऎसी रेल सेवा उपलब्ध कराना था जिससे ज़िलेवासी सुबह रेल गाड़ी द्वारा दिल्ली पहुचें और पूरा दिन अपना काम खत्म कर रात्रि गाड़ी से वापिस अपने घर पहुंच सकें।

गौरतलब है कि वर्तमान में दिल्ली सराय रोहिल्ला से सीकर तक इस गाड़ी का संचालन केवल तीन दिन सीकर से बुधवार,शुक्रवार एवं रविवार की रात्रि में
और दिल्ली से मंगलवार, गुरुवार एवं शनिवार की रात्रि में होने के कारण क्षेत्र वासियों को 24 से 36 घंटे तक दिल्ली में या सीकर में रुकना पड़ता है। जिसके कारण ज़िले वासियों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।


झुंझुनू की यह रेल सेवा 4 साल के लम्बे इंतज़ार के बाद मिली है, लेकिन गाड़ी का संचालन सही प्रकार से ना होने की वजह से ज़िले वासियों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही साथ रेलवे को भी इस रुट पर वित्तीय घाटा सहन करना पड़ रहा है । ऐसे में झुंझुनू सांसद ने रेल को सुचारु रूप से नियमित शुरू करने के लिए रेल मंत्री से बारे में चर्चा भी की। अगर इस रेल सेवा के लिए सरकार की मुहर लग जाती है तो झुंझुनू से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए ख़ासी सुविधा हो जाएगी।


आपको बता दें कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक चलने वाला है। यह मानसून सत्र बीजेपी के लिए बेहद ख़ास है साथ ही पीएम मोदी सरकार के लिए भी यह आखिरी मानसून सत्र होगा। इस साल के अंत में तीन बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण सरकार के लिए मानसून सत्र ज्यादा महत्वपूर्ण है।