
अरविंद पालावत/जयपुर। किसी भी तरह का दुपहिया वाहन बेचते समय निर्माता या डीलर को हेलमेट अनिवार्य रूप से देना होता हैं। यह हेलमेट फ्री दिया जाता है। इसके बावजूद ई-व्हीकल के साथ वाहन निर्माता या डीलर बेचते समय हेलमेट नहीं दे रहे हैं।
निर्माताओं और डीलर्स को फ्री हेलमेट देने के निर्देश
इस संबंध में परिवहन विभाग को शिकायत मिली तो आयुक्त ने आदेश जारी कर सभी निर्माताओं और डीलर्स को फ्री हेलमेट देने के निर्देश दिए हैं। इसका कारण यह है कि अधिकांश ई-व्हीलक बिना हेलमेट ही बेचे जा रहे हैं। जबकि परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार यह गलत हैं।
परिवहन आयुक्त कन्हैया लाल स्वामी ने सभी आरटीओ और डीटीओ को निर्देश देते हुए कहा है कि यदि कोई भी निर्माता या डीलर इस संबंध में कोताही बरते तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नियमों में हैं प्रावधान
बता दें कि अगस्त, 2021 में भी परिवहन विभाग ने एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया था कि हेलमेटर नि:शुल्क दिया जाएगा। हेलमेट का अलग से बिल भी जारी नहीं किया जाएगा। यह आदेश सभी तरह के दुपहिया वाहनों के लिए था। उल्लेखनीय है कि इस संबंध में केंद्रीय मोटर यान नियम, 1989 में स्पष्ट प्रावधान हैं। फिर भी कई डीलर्स हेलमेट अलग से चार्ज करते हैं।
स्टेंडर्ड पर खरा होगा हेलमेट
इतना ही नहीं विभाग ने यह भी निर्देश दिए है कि जो हेलमेट वाहन मालिक को रजिस्ट्रेशन के समय दिया जाए, वह सभी मानकों पर खरा हो। मतलब है कि वह हेलमेट भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा करता हो।
Updated on:
25 Jun 2022 01:41 pm
Published on:
25 Jun 2022 01:27 pm
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