
Dengue and Chikungunya Outbreaks Hit India, Killing Dozens
मानसून के आने के बाद, राजस्थान के कई जिलों में मौसमी बीमारियां बढ़ रही हैं। स्वच्छता विभाग द्वारा डेंगू-चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने को रोकने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव शुभ्रा सिंह ने प्रदेश के आठ जिलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हालात का निरीक्षण किया है। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मलेरिया, डेंगू, और स्क्रब टायफस की रोकथाम और नियंत्रण के लिए सबसे प्रभावित आठ जिलों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिंहित किया गया है।
मौसमी बीमारियों के प्रबंधक डॉक्टर निर्मल शर्मा ने बताया कि राजस्थान में मौसमी बीमारी डेंगू के 6300 सक्रिय मामले पाए जा रहे हैं, और इसके परिणामस्वरूप 8 मौतें दर्ज हुई हैं। साथ ही, 1580 मलेरिया के नए मामले आए हैं। इसके अलावा, चिकनगुनिया के 138 केस भी सामने आए हैं।
झारखंड में डेंगू-चिकनगुनिया का कहर
वहीं अगर झारखंड की बात करें तो यहां डेंगू-चिकनगुनिया का कहर थम नहीं रहा। मरीजों की तादाद डेढ़ हजार से भी ज्यादा पहुंच गई है। पिछले चार साल में डेंगू पीड़ितों की संख्या कभी इससे ज्यादा नहीं रही। अब तक सात मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन स्कूली छात्र और एक मेडिकल स्टूडेंट शामिल हैं।
राज्य के जिला अस्पतालों में बनाए गए डेंगू वार्ड मरीजों से फुल हो चुके हैं। शुक्रवार को जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल में इलाजरत मेडिकल फर्स्ट ईयर के छात्र अविनाश कुमार झा की मौत हो गई। जमशेदपुर के जेपीएस बारीडीह, तारापोर एग्रिको और डीबीएमएस स्कूल के तीन छात्रों की मौत भी डेंगू से हुई है। शुक्रवार को जमशेदपुर में डेंगू के 19 मरीज मिले।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जमशेदपुर के रहने वाले हैं और सबसे ज्यादा मरीज इसी जिले (पूर्वी सिंहभूम) में पाए गए हैं। यहां डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 891 पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक राज्य में इस साल जनवरी से अब तक डेंगू के 1534 और चिकनगुनिया के 240 मरीज मिले हैं। यह आंकड़ा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में इलाजरत मरीजों का है।
अनुमान है कि सैकड़ों मरीजों का इलाज प्राइवेट हॉस्पिटलों में चल रहा है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक साहिबगंज में 202 और सरायकेला-खरसावां में 109 मरीज पाए गए हैं। रांची में 69, दुमका में 51, हजारीबाग में 43, धनबाद में 40, देवघर में 27, गिरिडीह में 19, खूंटी में 19, पाकुड़ में 16, चतरा में 14, लोहरदगा में 6, बोकारो में 5 और कोडरमा एवं गढ़वा जिले में एक-एक मरीज मिले हैं।
राज्य के 24 जिलें में से सिर्फ छह ऐसे हैं, जहां डेंगू-चिकनगुनिया का कोई मरीज नहीं मिला है। चिकुनगुनिया के इस वर्ष अब तक सबसे अधिक मरीज रांची में मिले हैं। रांची में अब तक 162, पूर्वी सिंहभूम में 56, देवघर में 10, गोड्डा में 8 और लोहरदगा में 4 मरीज मिले हैं। हालांकि, कोई मौत नहीं हुई है। राज्य मलेरिया पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार का कहना है कि राज्य में अब यह बीमारी घट रही है। पहले हर रोज 50 से अधिक मिल रहे थे। अब इनकी संख्या घट रही है।
पश्चिम बंगाल में भी डेंगू की भयावह स्थिति
पश्चिम बंगाल में भी डेंगू की भयावह स्थिति के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य सरकार को प्लेटलेट्स का पर्याप्त स्टोरेज रखने के लिए बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर आयोजित करने की सलाह दी है।
डेंगू के लक्षण:
बुखार: डेंगू के प्रमुख लक्षण में से एक होता है जो अचानक आता है और अकेले ही दिन या दो दिन में तेजी से बढ़ता है।
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द: डेंगू बुखार के साथ, आपके शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द हो सकता है, जिसका आमतौर पर उदाहरण दर्द, गर्मी और गरमियों में अधिक हो सकता है।
बुखार के साथ सर्दी-जुकाम या खांसी: कुछ लोगों को डेंगू के साथ सर्दी-जुकाम या खांसी हो सकती है।
सिर का दर्द और दर्द: सिर में अच्छानक दर्द हो सकता है, जो मिग्रेन की तरह भी दिख सकता है।
बढ़ी हुई खासी या खूनी खासी: डेंगू के कुछ मामूला से संकेत यह भी हो सकते हैं।
लक्षण (Warning Signs): अगर बुखार के साथ चमकदार लक्षण, जैसे कि वोमिटिंग, ब्लीडिंग, बुखार की तेज बढ़ोतरी, सुन जाना (confusion), या धड़कन की तेजी से बढ़ती है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए क्योंकि इसे सीवियर डेंगू (severe dengue) के रूप में जानलेवा हो सकता है।
चिकनगुनिया के लक्षण:
बुखार: चिकनगुनिया बुखार अचानक आता है और अकेले ही दिन या दो दिन में तेजी से बढ़ता है.
जोड़ों में दर्द: चिकनगुनिया का प्रमुख लक्षण है जोड़ों में तेज और दर्दनाक दर्द, जिसे आमतौर पर हाथ, पैर, घुटने, और पीठ में महसूस किया जाता है.
सिर का दर्द: सिर का दर्द भी चिकनगुनिया के बुखार के साथ हो सकता है.
चिकनगुनिया के अन्य लक्षण: कुछ लोगों को चिकनगुनिया के साथ थकान, उबकाई, मुंह में लाल दाने, और निगलने में दिक्कत हो सकती है.
केंद्रीय मंत्रालय ने अपनी सलाह में राज्य सरकार को किसी भी उभरती स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त अस्पताल बेडों समेत बुनियादी ढांचे को तैयार रखने की भी सलाह दी।
डेंगू और चिकनगुनिया के घरेलू उपचार:
पर्यापन और प्यास बनाए रखें: बुखार के साथ बीमार रहते समय, खुद को पर्यापन रखना और प्यास बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। अपने शरीर को उपयुक्त प्रमाण में पानी पिएं और निरंतर हाइड्रेशन बनाए रखें।
आराम और नींद: डेंगू और चिकनगुनिया के समय, आराम करना और पर्यापन करना महत्वपूर्ण है। आपके शरीर को लक्षणों के खिलाफ लड़ने के लिए पर्यापन की आवश्यकता होती है।
दर्द और सिर दर्द के लिए दवाएं: डेंगू और चिकनगुनिया के दर्द और सिर दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह पर दवाएं ली जा सकती हैं, जैसे कि पैरासेटामोल। लेकिन, डॉक्टर से सलाह लेना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुछ दवाएं सामान्य डेंगू या चिकनगुनिया के रोगी के लिए सुरक्षित नहीं हो सकती हैं।
बढ़ी हुई खासी और खूनी खासी के लिए सावधानी: बढ़ी हुई खासी या खूनी खासी की स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
विश्राम और स्वस्थ आहार: शरीर को जल्दी ठीक होने के लिए पूर्ण आराम दें और स्वस्थ आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन, और पर्यापन भरपूर मात्रा में हों।
ड्रिंकिंग वॉटर का ध्यान रखें: शुद्ध पानी पीने का ध्यान रखें और अच्छी तरह से बिल पानी का उपयोग करें।
संकेतों का मॉनिटरिंग: डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षणों का मॉनिटरिंग करें और अगर किसी भी संकेत में सुधार नहीं हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इस बीच, डेंगू से होने वाली कुल मौतों पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है क्योंकि लगभग दैनिक आधार पर मौतों की सूचना मिलने के बावजूद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कोई संबंधित डेटा जारी नहीं किया है।
हालांकि, अनौपचारिक अनुमान का दावा है कि मरने वालों की संख्या कम से कम 48 है, जबकि विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने विशिष्ट डेटा का दावा किया है कि हताहतों की संख्या 100 को पार कर गई है।
भ्रम और बढ़ गया है क्योंकि केंद्रीय वेबसाइट पर पश्चिम बंगाल का कोई डेटा नहीं है और नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल की वेबसाइट पर संबंधित कॉलम में आंकड़े दिखाए गए हैं। कोलकाता में प्रभावित लोगों की कुल संख्या 4,779 है।
आईएएनएस
Published on:
01 Oct 2023 09:53 am

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