30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों के अब ऐसे होंगे ट्रांसफर, विभाग ने की गाइडलाइन जारी; जानें सबकुछ

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सभी विभागों के प्रमुख शासन सचिवों, शासन सचिवों तथा विशिष्ट शासन सचिवों को उनके अधीनस्थ विभागों में प्रस्तावित स्थानांतरण नीति व दिशा निर्देश भेजे गए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Lokendra Sainger

•

Updated: 12 Apr 2024, 7:47 AM IST

transfer.jpg

राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने सभी विभागों में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में कार्मिकों के तबादले हर साल 30 अप्रेल से पहले कर दिए जाएंगे। सभी विभागों के प्रमुख शासन सचिवों, शासन सचिवों तथा विशिष्ट शासन सचिवों को उनके अधीनस्थ विभागों में प्रस्तावित स्थानांतरण नीति व दिशा निर्देश भेजे गए हैं। प्रशासनिक सुधार विभाग के शासन सचिव राजन विशाल नीति को मुख्यमंत्री से अनुमोदन कराने के लिए भेजेंगे।

साथ ही इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को अवगत कराने के लिए कहा गया है। एक साल या इससे कम अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक का तबादला नहीं किया जाएगा। तबादला चाहने पर ही किया जा सकेगा। कार्मिक का तबादला करने पर वापस उसी स्थान पर कम से कम दो साल तक पदस्थापन नहीं होगा। सरकारी विभागों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। दो हजार से अधिक कार्मिकों वाले विभागों को ए श्रेणी में तथा दो हजार से कम कार्मिकों वाले विभागों को बी श्रेणी में रखा है।



तबादलों के लिए प्रशासनिक आधार तीन साल या इससे अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कार्मिकों पर लागू होगा। कार्मिकों के विरुद्ध गंभीर शिकायत, जांच में दोषी, अनुशासनात्मक कार्रवाई विचाराधीन हो, उसे केवल रिक्त पद ही लगाया जा सकेगा।



विभाग हर साल 1 से 30 जनवरी तक रिक्त पदों को पोर्टल पर प्रदर्शित करेंगे।इच्छुक कार्मिक पोर्टल पर 1 से 28 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन नहीं करने पर तबादले पर विचार नहीं होगा।

आवेदन मिलने के बाद विभाग 1 से 31 मार्च तक काउंसलिंग के माध्यम से कार्यवाही करेगा। हर साल 30 अप्रेल तक तबादले के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद तबादले नहीं होंगे।

काउंसलिंग में वरीयता क्रम भी निर्धारित किया गया है। इसमें दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी।इसके बाद क्रमशः विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, भूतपूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी, पति-पत्नी प्रकरण, असाध्य रोग से पीड़ित आवेदक, शहीद आश्रित सदस्य, दूरस्थ जिलों, डार्क जोन, हार्ड एरिया के कार्मिकों को रखा जाएगा।

सबसे अंत में शेष रहे आवेदकों को उनकी पारिवारिक स्थितियों के आधार पर तबादले का मौका मिलेगा।

यह भी पढ़ें : रविंद्र सिंह भाटी का BJP ने निकाला तोड़! CM भजनलाल ने इस युवा नेता से की 'सीक्रेट' मीटिंग