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देवा गुर्जर: एक गांव का लड़का कैसे बन गया डॉन, अपनी निजी लाइफ को लेकर भी था चर्चा में

गैंगवार में मारा गया Deva Gurjar सोशल मीडिया काफी चर्चित चेहरा था। देवा के बारे में उसके करीब बताते हैं कि देवा को डॉन वाला लाइफस्टाइल बेहद पसंद था।

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गैंगवार में मारा गया Deva Gurjar सोशल मीडिया काफी चर्चित चेहरा था। देवा के बारे में उसके करीब बताते हैं कि देवा को डॉन वाला लाइफस्टाइल बेहद पसंद था। वह बचपन से ही डॉन बनना चाहता था और वह बना भी।

देवा गुर्जर कोटा जिले के बोराबास गांव का रहने वाला था। वैसे देवा गुर्जर अधिक पढ़ा लिखा नहीं था। वह जानवर पालता था और दूध बेचने का काम करता था। लेकिन अपनी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता की वजह से वह कुछ लोगों के संपर्क में आया और उसके दिन बदल गए। कुछ ही समय में देवा इतना पॉपुलर हो गया कि उसके नाम से आसपास के इलाके में कोई काम नहीं रुकता था।

ग्रामीणों का कहना है कि देवा गुर्जर ने कभी किसी को परेशान नहीं किया। उसका जो भी काम धंधा था, वह करता जा रहा था। सोशल मीडिया की वजह से देवा गर्जुर कुछ ही समय में देवा डॉन के नाम से जाना जाने लगा। उसकी पर्सनैलिटी पर उसके फॉलोअर्स फिदा थे। लाखों व्यूज होने से वह सोशल मीडिया से भी उसको आया होती थी।

देवा खुद की लाइफस्टाइल और फोटो का इतना शौकीन कि वह अपने साथ एक प्रोफेशनल कैमरामैन भी रखता था। वह सोशल मीडिया के वह हर प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहता था। देवा अपनी निजी लाइफ को लेकर भी चर्चा में था। दरअसल, देवा डॉन ने दो शादियां की थीं। उसकी दोनों पत्नियों ( Deva Gurjar Wife ) में आपस में इतना प्रेम था कि दोनों एक साथ एक ही घर में रहती थीं। दोनों सभी तीज-त्योहार एक साथ सेलिब्रेट करती थीं।

देवा गुर्जर ने 8-10 गाड़ियां रावतभाटा के प्लांट में लगा रखी थी। वहां से उसे अच्छी कमाई होती थी। इसी कमाई की वजह से देवा और उसके दोस्तों में अनबन हो गई और उसके दोस्त ने ही कुछ लोगों के साथ मिलकर उसका रावतभाटा के एक सैलून में मर्डर कर दिया। 4 अप्रेल 2022 को देवा पर बदमाशों ने पूरी निगरानी रखी। देवा रावतभाटा गया हुआ था। वाहन में कुछ खराबी थी तो मैकेनिक को गाड़ी देकर वह एक सैलून में वह सेविंग करवाने गया था।

तभी हथियारों से लैस बदमाशों ने देवा पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। देवा के गांव के लोगों का कहना है कि उसके मर्डर में शामिल बाबू गुर्जर को भी नौकरी पर रखा था। देवा के काम धंधे की देखरेख और पैसे का लेन-देन बाबू ही करता था। लेकिन देवा को पता नहीं था कि उसके लिए बाबू की काल बन जाएगा।


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