
मार्केट में आया यह घेवर, डायबिटीज मरीज भी ले सकेंगे जायका, स्वास्थ्य के लिए भी है लाभदायक
अश्विनी भदौरिया / जयपुर. सावन में दिनों में घेवर की हर घर में मांग रहती है। परम्परा और रिश्तों की चासनी में डूबा जयपुरी घेवर समय के साथ लोकप्रिय होता चला गया। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने वाले या डायबिटीज से पीडि़त लोग अब सामान्य घेवर की जगह सुगर फ्री या फीके घेवर को खरीदना और खाना पसंद कर रहे हैं।
शहर में ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कुछेक दुकानदार तो खास शुगर फ्री घेवर तक बनाने लगे हैं। हालांकि इसकी कीमत सामान्य घेवर के मुकाबले थोड़ा अधिक होती है। दुकानदारों की मानें तो हर साल 15 से 20 फीसदी शुगर फ्री घेवर की बिक्री बढ़ रही है। वहीं फीका घेवर भी 25 से 30 फीसदी खरीदार लेकर जा रहे हैं। जिन लोगों को डायबिटीज है, वे फीके घेवर को दूध में डालकर खाना ज्यादा पसंद करते हैं। आधा दर्जन से आस-पास वैरायटी बाजार में उपलब्ध हैं।
कीमत की बात करें तो 500 रुपए से लेकर 1200 रुपए प्रति किलो घेवर बाजार में उपलब्ध है। मिठाई व्यापारी अजय अग्रवाल ने बताया कि शुगर फ्री घेवर की मांग लगातार आती थी। उसको देखते हुए इसे बनाना शुरू किया। इसमें पनीर का उपयोग करते हैं। साल दर साल इसकी बिक्री में इजाफा हो रहा है। वहीं मिठाई व्यापारी सत्यनारायण पीतलिया ने बताया कि कई लोग फीका घेवर लेकर जाते हैं और दूध डालकर इसे खाना पसंद करते हैं।
विदेशी सैलानी भी कर रहे पसंद
कभी हनुमान जी का रास्ता, त्रिपोलिया बाजार में कई दुकानें हुआ करती थीं, लेकिन अब शहर के हर क्षेत्र में घेवर बनाते हुए हलवाई दिख जाएंगे। इतना ही नहीं पूरे देश में जयपुर के घेवर की मांग है। साथ ही विदेशी सैलानी भी इसको पसंद करते हैं।
यह है मान्यता
-सावन के दिनों में लड़की की ससुराल भेजे जाने वाले सिंजारे में घेवर का महत्व सर्वाधिक है।
-सवारी के बाद जब तीज माता पौंड्रिक की छतरी में जाकर विराजती हैं तो उनको घेवर का भोग लगाया जाता है।
Published on:
04 Aug 2018 09:04 pm
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