
पांच दिवसीय दीपोत्सव के महापर्व के तहत आज हर्षोल्लास के साथ दिवाली मनाई जा रही है। सुबह से ही शहर के बाजारों में खरीदारी की रौनक दिखाई दी। पूरा शहर रंगीन व दूधिया रौशनी से जगमग हो उठा है। आज घर—घर माता लक्ष्मीजी पधारेंगी। इसके लिए शहर वासियों ने लक्ष्मी के स्वागत में लोगों ने पलक-पावड़े बिछा दिए हैं। घरों और प्रतिष्ठानों में माता लक्ष्मी की पूजा होगी। लोग बड़ों के पैर छू कर आशीर्वाद लेंगे। दिवाली के त्योहार के चलते बाजार में चहुंओर खुशी का माहौल नजर आया। बाजार में देर रात तक भीड़भाड़ रही। मिठाइयों की महक और रोशनी से लकदक बाजारों की फिजा देखते ही बन रही थी। खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ से बाजार में रौनक परवान चढ़ते दिखी। बाजार में लक्ष्मी पूजन की सामग्री बेचने वालों, फूल मालाओं, फलों के ठेले, मिट्टी के रंग बिरंगे दीपक व गन्ने बेचने वालों के खरीदारों की भीड़ रही। बाजार में लोगों ने घरों को सजाने से लेकर मिठाई, नमकीन सहित अन्य सामग्री खरीद रहे हैं।
स्थिर लग्न व चित्रा नक्षत्र में हो मां लक्ष्मी का पूजन -
छोटी काशी में आज दिवाली हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। लक्ष्मी पूजन के लिए अमावस्या तिथि, स्थिर लग्न, प्रदोष काल, चौघड़िया विशेष महत्व रखते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री के अनुसार स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजन करने से लक्ष्मी और व्यापार स्थिर रहता है। लक्ष्मी पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त शाम 7.30 से 7.55 बजे तक रहेगा। इसमें कुंभ का स्थिर नवांश, प्रदोष काल व वृष लग्न तीनों रहेंगे।
स्थिर लग्न में दीपावली लक्ष्मी का पूजन मुहूर्त:
कुंभ लग्न में दोपहर 2.45 से शाम 4.15 बजे तक वृषभ लग्न में शाम 7.22 से रात 9.19 बजे तक सिंह लग्न में रात 1.52 से सुबह 4.08 बजे तक गोधुली वेला में मेष लग्न में शाम 5.40 से 7.22 बजे तक प्रदोष काल 5.51 से रात 8.25 बजे तक
चौघड़िये के अनुसार मुहूर्त::
अमृत व चर के चौघड़िया में शाम 5.51 से 9.01 बजे तक लाभ के चौघड़िया में रात 12.11 से 1.46 बजे तक शुभ का चौघड़िया मध्यरात्रि 3.30 से सुबह 6.33 बजे तक गोधुली वेला में शाम 5.50 से शाम 7.11 बजे तक वृष लग्न में शाम 7.20 से 9.15 बजे
Published on:
19 Oct 2017 11:37 am
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