दिवारी: कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली का पर्व मनाया जाता है इसे बुंदेली में दिवारी भी कहते हैं। उत्साह, उल्लास, पवित्रता एवं श्रद्धा के साथ यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन लक्ष्मी-गणेश का पूजन व सभी स्थानों पर दिए में तेल भरकर का उजाला किया जाता है। घर में नए वस्त्र, अन्न, फल मिठाई, मेवा का भोग लगाया जाता है। कार्तिक माह में विशेष तौर पर महिलाएं अल सुबह तालाब या नदी में नहाती हैं और कार्तिक गीत गाकर भगवान कृष्ण की भक्ति करतीं हैं। लौटने पर किसी घर में तुलसी पूजा की जाती है।