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जयंती पर याद की जा रहीं पूर्व राजमाता दिवंगत Gayatri Devi, ‘पोती’ सांसद Diya Kumari ने भी किया ‘दादी’ को याद

- पूर्व राजमाता दिवंगत गायत्री देवी की जयंती, 23 मई 1919 को लंदन में हुआ जन्म, दुनिया की खूबसूरत महिलाओं में नाम रहा शुमार, राजघराने की होने के बावजूद राजनीति में रहीं सक्रीय, 'पोती' सांसद दिया कुमारी ने भी किया 'दादी' को याद  

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Diya Kumari remembers Rajmata Gayatri Devi on her Birth Anniversary

जयपुर।

जयपुर के पूर्व राजघराने की राजमाता दिवंगत गायत्री देवी को आज उनकी जयंती पर याद किया जा रहा है। गायत्री देवी का जन्म आज ही के दिन 23 मई 1919 को लंदन में हुआ था। वे राजघराने से ताल्लुक रखने के बावजूद समाज सेवा करने के लिए राजनीति में भी सक्रीय रहीं। हालाँकि वे खासतौर से अपनी खूबसूरती के लिए चर्चित रहीं। उन्हें दुनिया की टॉप खूबसूरत महिलाओं की सूची में पहचान मिली थी।

इधर, गायत्री देवी की जयंती पर उनकी पोती सांसद दिया कुमारी ने भी अपनी दादी को याद करते हुए श्रद्धांजली अर्पित की है। राजसमंद से सांसद दिया कुमारी ने एक ट्वीट सन्देश जारी करते हुए लिखा, 'अपनी दादी दिवंगत राजमाता गायत्री देवी को उनकी जयंती पर याद कर रही हूँ। शिक्षा के प्रचार-प्रसार और कमज़ोर वर्ग के लोगों के उत्थान में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।'

सांसद दिया कुमारी ने आगे लिखा, 'गायत्री देवी ने सांसद रहते हुए महिलाओं के अधिकार और उनके कल्याण से जुड़े कार्य दुनिया के लिए प्रेरणादायी हैं।

स्मृति शेष- गायत्री देवी

- राजकुमारी गायत्री देवी के पिता राजकुमार जितेन्द्र नारायण कूचबिहार (बंगाल) के युवराज के छोटे भाई थे, वहीं माता बड़ौदा की राजकुमारी इंदिरा राजे थीं।
- पहले शांतिनिकेतन, फिर लंदन और स्विट्जरलैंड में शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात इनका विवाह जयपुर के महाराजा सवाई मानसिंह (द्वितीय) से हुआ।
- वॉग पत्रिका द्वारा दुनिया की दस सुंदर महिलाओं में गिनी गईं।
- राजमाता गायत्री देवी राजनीति में भी सक्रिय थीं। इन्होंने सन् 1962 में चक्रवर्ती राजगोपालाचारी द्वारा स्थापित स्वतंत्र पार्टी की उम्मीदवार के रूप में जयपुर संसदीय क्षेत्र से समूचे देश में सर्वोच्च बहुमत से चुनाव में विजयी होने का गौरव प्राप्त किया।
- इसके बाद 1967 और 1971 के चुनावों में विजयी होकर लोकसभा सदस्य चुनी गईं।
- राजनीतिक सफर में कष्ट भी सहने पड़े, जब आपातकाल के दौरान वे दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद रही।
- गायत्री देवी पर (ए प्रिंसेस रिमेम्बर्स) तथा (ए गवर्नमेंट्स गेट वे) नाम की पुस्तकें अंग्रेजी में प्रकाशित हो चुकी हैं।
- 90 वर्ष की आयु में 29 जुलाई 2009 को जयपुर में निधन हुआ।