
डॉक्टर ने सेवा की ली थी शपथ, इलाज के लिए बुलाया तो लाठी से धमकाया
छबड़ा (बारां). पांच माह की बच्ची के उपचार के लिए सोमवार तड़के परिजनों का घर आना चिकित्सक को इतना नागवार गुजरा कि वह घर से लाठी निकाल उन्हें धमकाने लगा। करीब दो घंटे बाद दूसरे चिकित्सक ने बालिका को बारां रैफर किया, लेकिन रास्ते में ही उसका दम टूट गया। कस्बे के वार्ड २९ की निवासी अफसाना रविवार को पांच माह की बेटी चाहत को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंची। थी। डॉ. दिनेश मालव ने उसे उपचार के लिए भर्ती कर लिया। सोमवार तड़के करीब चार बजे बच्ची की तबीयत बिगडऩे पर परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ को बताया, लेकिन ऑन ड्यूटी डॉ. श्रीलाल मीणा नहीं पहुंचे। इंतजार के बाद परिजन बच्ची को लेकर चिकित्सालय परिसर में स्थित डॉ. भूपेन्द्र मीणा के आवास पर पहुंचे। काफी आवाजें लगाने के बाद उन्होंने दरवाजा खोला। जब परिजनों ने बीमार बच्ची को देखने की गुहार लगाई तो वे भड़क गए और अंदर से लाठी लाकर परिजनों को धमकाने लगे। डरे-सहमे परिजन बच्ची को वापस चिकित्सालय ले आए। सुबह करीब छह बजे डॉ. मालव चिकित्सालय पहुंचे तथा चाहत को बारां रैफर कर दिया। रास्ते में बच्ची का दम टूट गया।
जिला कलक्टर ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी
परिजन का शव लेकर उपखंड कार्यालय पहुंचे और चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने छबड़ा थाने में डॉ. भूपेन्द्र मीणा के खिलाफ परिवाद दिया। अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। कलक्टर द्वारा पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार दिलीप सिंह छबड़ा चिकित्सालय पहुंचे तथा बयान दर्ज किए। उन्होंने जांच रिपोर्ट कलक्टर को भेज दी है।
बच्ची की मौत कैसे हुई, इसमें किसकी लापरवाही रही है, जांच कराई जाएगी। वैसे जिला कलक्टर के आदेश पर प्रशासनिक जांच शुरू हो गई हे। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी।
डॉ. हरिओम गोयल, चिकित्सा प्रभारी छबड़ा
Published on:
03 Mar 2020 02:01 am
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