
Rajasthan give conserve donkey in jodhpur
जयपुर. प्रदेश में 2012 से 2019 के बीच गधों की संख्या में भारी गिरावट हुई है। मात्र सात वर्ष में ही राजस्थान में करीब 71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। राजस्थान में 2012 में 81 हजार 468 गधे थे, जो 2019 में हुई पशु गणना में कम होकर 23 हजार 374 ही रह गए। यानी 58 हजार 94 गधे कम हो चुके हैं।
भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी के
हाल में खत्म हुए बजट सत्र में गधों की संख्या को लेकर लगाए गए प्रश्न पर राज्य सरकार ने यह जवाब दिया है। इस जवाब में बताया है कि पांच वर्षों में गधों पर अत्याचार का कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है एवं गैरकानूनी वध के संबंध में एक प्रकरण हनुमानगढ़ जिले में दर्ज हुआ था। गधों की चोरी के संबंध में 8 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें 5 प्रकरणों में चालान पेश किया गया, वहीं तीन में एफआर लगा दी गई। इन प्रकरणों में कुल 23 लोगों को मुल्जिम बनाया गया।
चित्तौड़गढ में रह गए सबसे कम गधे
जवाब में बताया गया है कि चित्तौड़गढ़ में सबसे कम गधे रह गए हैं। यहां बीसवीं पशु गणना में कुल 83 गधे पाए गए हैं। सबसे ज्यादा जैसलमेर जिले में 4 हजार 911 गधे हैं। बाड़मेर में सबसे ज्यादा 14 हजार 836 गधे कम हुए हैं। जयपुर में 976 गधे हैं।
ग्रामीण इलाकों में यातायात के संसाधन बढ़े, गधों का कम हुआ उपयोग
एक समय था जब ग्रामीण क्षेत्रों में सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए गधों का इस्तेमाल होता था। यातायात संसाधनों की बढ़ोतरी की वजह से गधों का उपयोग दिन प्रतिदिन कम हो गया।
Published on:
28 Apr 2022 12:30 pm
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