
- अनंत मिश्रा
विश्व हिन्दू परिषद के तेज तर्रार नेता रहे Dr. praveen bhai togadia इन दिनों अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू संघ के अध्यक्ष के रूप में देशव्यापी दौरे कर रहे हैं। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल बनाने का इरादा रखने वाले तोगडि़या राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में भी किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहे हैं। तोगडि़या ने पत्रिका से की बात, पेश हैं प्रमुख अंश...
- आप किसानों के मुद्दे उठा रहे हैं। किसानों की हालत इतनी खराब क्यों है?
प्रधानमंत्री बनने से पहले मोदी स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात करते थे। लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य दिलाने की बात करते थे। सत्ता में आए तो सब भूल गए। चार साल तक समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया। आखिरी साल में किसानों के हितैषी बनने की कोशिश की। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण देश का अन्नदाता बर्बादी के कगार पर खड़ा है। पिछले 17 साल में तीन लाख से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
- आप राममन्दिर निर्माण की पुरजोर वकालत करते रहे हैं। राममन्दिर कभी बनेगा भी या नहीं?
देश के करोड़ों दिलों में ये सवाल उठता है। भाजपा विपक्ष में थी तो कहती थी सत्ता में आए तो अयोध्या में राम मन्दिर बनवाएंगे। मादी सरकार को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आए साढ़े चार साल होने जा रहे हैं। कभी राममन्दिर की याद नहीं आई। अब कह रहे हैं कि कानून भी आ सकता है। भाजपा की इच्छाशक्ति है ही नहीं। राममन्दिर का मुद्दा भाजपा के लिए सियासी फायदा उठाने का रहा है। हमारे लिए आस्था का मुद्दा है और हम इसे उठा रहे हैं।
- संघ प्रमुख मोहन भागवत मौन क्यों हैं? कुछ बोलते क्यों नहीं?
लगता है उन्होंने भी परिस्थितियों से समझौता कर लिया है। हिन्दू हितों के तमाम मुद्दों पर खामोशी की चादर ओढ़ ली है। भागवत की ये खामोशी भाजपा के भी तमाम नेताओं को अखर रही है। लेकिन कुछ बोल नहीं सकते।
- तीन राज्यों में क्या उम्मीद है?
वोटर भाजपा सरकारों की कार्यशैली से परेशान हैं। जो वादे किए गए थे, वे जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रहे। हर वर्ग भाजपा से नाराज है। हालात देख कह सकते हैं कि तीनों जगह भाजपा की विदाई तय है।
- प्रधानमंत्री के रूप में मोदी पर क्या कहेंगे?
मोदी ने साढ़े चार साल में सवा सौ करोड़ भारतीयों का विश्वास तोड़ा है। युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं तो किसान सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए। रफाल विमान की कीमत तीन गुना कर दी। उन्होंने सपने तो खूब दिखाए लेकिन किया कुछ नहीं।
- राममन्दिर पर संघ की भूमिका?
दु:ख के साथ कहना पड़ रहा है कि संघ पूरी तरह से बदला दिख रहा है। विचारधारा के मुद्दे पर मौन है। न मन्दिर निर्माण की ललक है और न कश्मीर में धारा 370 को लेकर वह मुखर नजर आ रहा है।
- आपकी क्या रणनीति रहेगी?
जो सरकार महंगाई रोकने में, युवाओं के सपने साकार करने में, विफल रही हो उसे बदल डालें। हमारा नारा होगा, ‘अबकी सरकार, हिन्दुओं की सरकार, युवाओं की सरकार, किसानों की सरकार हो।
- केन्द्र के काम पर क्या कहेंगे?
कुछ किया हो तो आकलन करें। कहते थे दो करोड़ युवाओं को हर साल रोजगार दूंगा। कहां हैं रोजगार? सरकार में नहीं थे तो गौरक्षकों को मित्र बताते थे। सरकार में आए तो गौरक्षकों को गुंडा बताने लगे।
Updated on:
30 Oct 2018 10:10 am
Published on:
30 Oct 2018 10:10 am
