20 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

स्कूल बंद रहने से कोर्स अधूरा और रीट विवाद के चलते खिसक सकती हैं बोर्ड परीक्षाएं

कोविड के चलते शहरी क्षेत्रों में बंद रहे स्कूल, 30 फीसदी कोर्स अभी भी अधूरा, सवा महीने और लगेंगे पूरा होने में
less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Vijay Sharma

Feb 02, 2022

सरकार के आदेश के बाद से कक्षा 10वीं से 12 तक के विद्यालय मंगलवार से खुले इस दौरान पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही

सरकार के आदेश के बाद से कक्षा 10वीं से 12 तक के विद्यालय मंगलवार से खुले इस दौरान पहले दिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रही

जयपुर। कोविड की तीसरी लहर के बीच शहरी क्षेत्रों में बंद रहे स्कूल भले ही खुल गए हैं। लेकिन 10 और 12 वीं कक्षाओं का अधूरा कोर्स शिक्षा विभाग के सामने चुनौती बना हुआ है। हालांकि विभाग ने इस सत्र 70 फीसदी कोर्स ही रखा है। लेकिन कोविड की तीसरी लहर और स्कूल बंद रहने से अभी तक महज 30 से 40 फीसदी कोर्स ही पूरा हो पाया है। अभी भी 30 फीसदी कोर्स शेष हैं। वहीं, राज्य में रीट विवाद के चलते माध्यमिक शिक्षा बोर्ड विवादों में हैं। ऐसे में तीन मार्च से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षाएं आगे खिसक सकती हैं।
कारण है कि 17 जनवरी से शुरू होने वाली प्रक्टिकल भी अभी तक शुरू नहीं किए गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अभी कोर्स पूरा करने में एक महीने का समय और लगेगा। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं के 20 लाख छात्रों को तैयारी के लिए समय नहीं मिलेगा।

20 फरवरी तक कोर्स पूरा करने का लक्ष्य
शिक्षा विभाग ने 20 फरवरी तक कोर्स पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में अभी 17 दिन शेष है। विशेषज्ञों के अनुसार 17 दिन में 30 फीसदी कोर्स पूरा करना संभव नहीं है। इसका असर छात्रों की परीक्षाओं पर भी पड़ेगा।

इतने दिन बंद रहे स्कूल
कोरोना और छुट्टियों के चलते करीब साढ़े चार महीने स्कूल बंद रहे। कोरोना के चलते 12 वीं तक के स्कूल तीन महीने तक बंद रहे। इसके बाद 10 दिन दीपावली के अवकाश रहे। वहीं, सात दिन शीतकालीन अवकाश रहे। वहीं, तीसरी लहर में करीब 20 दिन तक स्कूल बंद रहे।

स्कूल खुल गए हैं। अभी टारगेट हैं कि 20 फरवरी तक कोर्स पूरा किया जाए। अभी करीब 30 फीसदी कोर्स अधूरा हैं, इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
घनश्याम दत्त, संयुक्त निदेशक जयपुर शिक्षा विभाग