
प्रदेशभर के पोस्टमैन इन दिनों एक अलग ही कशमकश में है। दरअसल, उनकी ये उलझन अपनी यूनिफॉर्म को लेकर है। केंद्र सरकार ने अप्रेल से नई यूनिफॉर्म पहनने की अनिवार्यता लागू की है, लेकिन ये यूनिफॉर्म प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर मिल ही नहीं रही है। ऐसे में पोस्टमैन इसे पहनने की अनिवार्यता की पालना कैसे करें?, जबकि विभाग की ओर से उन्हें इसकी पालना के लिए बार—बार टोका जा रहा है। हकीकत यह है कि पोस्टमैन की जिस नई यूनिफॉर्म को जनवरी में संचार मंत्री ने लॉन्च किया गया था, उसकी सप्लाई उन केंद्रों से नहीं हो रही हैं, जिन्हें ये यूनिफॉर्म तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग की मानें तो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी को नई यूनिफॉर्म बनाने और इसकी सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी संस्थान ने इस यूनिफॉर्म को डिजाइन भी किया है। जिसे खादी के 7000 खुदरा बिक्री केंद्रों से उपलब्ध कराया जाना तय था। आलम यह है कि नई यूनिफॉर्म पहनना तो दूर इसे अभी तक पोस्टमैन देख भी नहीं पाए है। विभाग के आला अधिकारियों की मानें तो हर साल 1 जुलाई को सभी पोस्टमैन को 5000 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसमें वर्दी, स्वेटर, छाता, जूते सभी अलाउंसेस जोड़े गए है। पहले इन सभी के लिए अलग—अलग पैसा दिया जाता था। केंद्र सरकार ने इसी वर्ष जनवरी में नई खादी वाली यूनिफॉर्म लॉन्च की है। इसे खासतौर पर निफ्ट द्वारा तैयार किया गया है। सरकार ने डाकियों और डाक विभाग के अन्य कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म को इसी साल जनवरी में लांच किया था। इसे राष्ट्रीय फैशन तकनीकी संस्थान (निफ्ट) ने डिजाइन किया है और इसका निर्माण खादी कपड़े से किया गया है। हालांकि यूनिफॉर्म का रंग खाकी ही रखा गया है। लेकिन अब गांधी टोपी की जगह पी आकार वाली टोपी है। नई यूनिफॉर्म में जेब और टोपी पर भारतीय डाक का लोगो है और कंधे पर लाल पट्टियां है।
Published on:
19 Apr 2018 02:07 pm
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