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सरकार के इस निर्णय से बची डाकियों की साइकिल, मिलेंगी ये सौगातें

ईस्ट इंडिया कम्पनी ने ब्रिटिश भारत में १ अप्रेल १८५४ को भारतीय डाक की नींव रखी थी।

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जोधपुर . पिछले सौ बरसों से गली-मोहल्ले में बजने वाली डाकिये की साइकिल की घंटी अब भी बजती रहेगी। केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग का साइकिल भत्ता बंद करने की सिफारिश न केवल ठुकरा दी है, वरन साइकिल भत्ता भी ९० रुपए से दुगुना कर के १८० रुपए कर दिया है। सरकार ने डाकियों के साथ रेलवे के ट्रैकमैन का साइकिल भत्ता भी बंद करने के बजाय दुगुना कर दिया। जोधपुर के डाकियों के लिए यह इसलिए भी खुशखबरी है, क्योंकि यहां के ९० फीसदी डाकिये अब भी साइकिल से सफर करते हैं और घर-घर चि_ियां बांटने के साथ ही कॉमॢशयल आइटम भी पहुंचाते हैं।

ईस्ट इंडिया कम्पनी ने ब्रिटिश भारत में १ अप्रेल १८५४ को भारतीय डाक की नींव रखी थी। तब से ही वे नीली यूनिफॉर्म में डाक बांटते आए हैं। वक्त के साथ उन्होंने साइकिल से डाक वितरण शुरू किया। घर के बाहर टकटक की आवाज और साइकिल की घंटी से डाकिये की पहचान रही है। साइकिल के टायर, ट्यूब, पंक्चर व अन्य मरम्मत के लिए सरकार अब तक डाकियों को ९० रुपए प्रतिमाह अलग से देती थी, जो सातवें वेतन आयोग ने बंद करने के लिए कहा। सरकार ने इसे दुगुना कर दिया। डाक विभाग साइकिल खरीदने के लिए डाकिये को १५०० रुपए का लोन देता था। सातवें वेतन आयोग ने इसे भी बंद करने के लिए कहा, जो सरकार ने मान लिया है। अब डाकियों को साइकिल के लिए एडवांस नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि देश में १.५५ लाख डाकखाने हैं। इन डाकखानों के १९ हजार १०१ पिनकोड हैं और करीब ४ लाख ४८ हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।

एक किमी के लिए ६ मिनट

जोधपुर डाक मण्डल के प्रवर अधीक्षक बीआर सुथार ने बताया कि जोधपुर शहर में डाकियों के १५० पद हैं, जिसमें से २९ पद खाली हैं। यानी १२६ डाकिये प्रतिदिन सुबह ढेरों डाक लेकर १५० बीटों में निकलते हैं। साइकिल से डाक वितरण का कार्यभार ६ मिनट प्रति किलोमीटर और पैदल १२ मिनट प्रति किलोमीटर मापा जाता है। इसी के अनुसार उन्हें डाक वितरण के लिए दी जाती है। डाकियों को पेट्रोल/डीजल भत्ता नहीं मिलता है।

यूनिफॉर्म के ५ हजार मिलेंगे


साइकिल भत्ता दुगुना किया गया है। इसके अलावा डाकियों को चार साल में तीन यूनिफॉर्म मिलती थीं। नये वेतनमान के बाद अब हर डाकिये को जुलाई महीने में ५ हजार रुपए का पोशाक भत्ता मिलेगा।

-कृष्णकुमार यादव, डाक सेवाएं निदेशक, पश्चिमी डाक परिमण्डल राजस्थान, जोधपुर