
durgaji ke vrat mein kya khayen kya na khayen
जयपुर. नवरात्र साधना में सात्विक आहार—विहार सबसे महत्वपूर्ण होता है। इन नौ दिनों में खानपान को नियंत्रित करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाता है। यही कारण है कि नवरात्र में कई खाद्य पदार्थों का सेवन वर्जित बताया गया है।
इनमें कई ऐसे खाद्य भी शामिल हैं जिन्हें हम बेहिचक खाते रहते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि नवरात्रि शक्ति उपासना का पर्व है। इस दौरान खानपान के बारे में दुर्गासप्तशती में भी उल्लेख किया गया है।
शारदीय नवरात्र में लहसुन व प्याज का प्रयोग तो मना किया ही गया है, साथ ही बैंगन, मूली और मसूर की दाल का सेवन भी वर्जित किया गया है। बासा और जला हुआ भोजन भी अपवित्र और तामसिक भोज की श्रेणी में रखा गया है।
देवीभागवत पुराण में कहा गया है कि नवरात्र में ऐसा भोजन करना चाहिए जिससे तन—मन दोनों पवित्र बने रहें। खास बात तो यह है कि शास्त्रों में हींग को दैत्य भोग बताते हुए इसे अपवित्र माना है। विशेषकर नवरात्र में व्रत रखनेवालों को हींग का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
Published on:
19 Oct 2020 06:58 pm
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