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ई मित्रों पर शिंकजा कसने की तैयारी, अब नहीं कटेगी जनता की जेब

जयपुर में ई मित्र ( E Mitra ) संचालकों की मनमानी आरटीओ ( RTO ) के बाहर कालाबाजारी को बढ़ाया दे रही है। जनता से महज आवेदन के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। राजधानी में हर महीने 12 हजार लाइसेंस ( Driving Licence ) बनाए जा रहे हैं...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Nov 13, 2019

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जयपुर। राजधानी जयपुर में ई मित्र ( E Mitra ) संचालकों की मनमानी आरटीओ ( RTO ) के बाहर कालाबाजारी को बढ़ाया दे रही है। जनता से महज आवेदन के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। राजधानी में हर महीने 12 हजार लाइसेंस ( driving licence ) बनाए जा रहे हैं। वहीं शहर में पांच हजार ई मित्र हैं। सभी ई मित्र पर अगर लाइसेंस के आवेदन किए जाएं तो लोगों की जेब कटने से बच सकती है। लोगों को अपने ही इलाकों में आवेदन की सुविधा मिल जाएगी। वहीं उन्हें आरटीओ के बाहर चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। कारण है कि लोगों को मजबूरी में आरटीओ आना पड़ रहा है। ई मित्रों की ओर से आवेदन नहीं किए जाने पर एजेंट आवेदन का काम कर रहे हैं। यहां निजी आईडी के जरिए ही ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। इसी काम के 100 रुपए तक जनता से वसूले जा रहे हैं। जबकि ई मित्र पर इसी काम का शुल्क 40 रुपए हैं।

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ई मित्रों पर शिंकजा कसने की तैयारी
इधर पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सूचना और प्रोद्यौगिकी विभाग ई मित्रों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहा है। ऐसे ई मित्रों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां काम नहीं किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने मंगलवार को लाइसेंस के काम के लिए ई मित्र नहीं निभा रहे दोस्ती शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।