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राजस्थान में 5 साल में 10 कांग्रेस नेताओं पर ED ने कसा शिकंजा, जानें कौन-कौन निशाने पर आए और क्यों?

Congress Leaders Ed Action in Rajasthan: राजस्थान में पिछले 5 साल में ईडी कांग्रेस के 10 नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। जानें कौन-कौनसे नेता ईडी के निशाने पर आए और क्यों?

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जयपुर। जल जीवन मिशन से जुड़े 980 करोड़ रुपए के घोटाले मामले में ईडी ने गुरुवार को लंबी पूछताछ के बाद पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जोशी को चार दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि ईडी ने हाल ही 15 अप्रेल को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के घर पर छापा मारा था। उनसे पीएसीएल में हुए 48 हजार करोड़ रुपए के घोटाले से जोड़कर पूछताछ की गई था।

इनके अलावा ईडी ने पिछले 5 साल में कांग्रेस नेता पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत व पुत्र वैभव गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना, राजेंद्र यादव, पर्यटन निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़, राजीव अरोड़ा पर भी कार्रवाई की।

ईडी के निशाने पर क्यों आए ये नेता?

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास: 17 साल तक राज्य में रियल एस्टेट में निवेश का काम करने वाली PACL में प्रदेश के 28 लाख लोगों ने करीब 2850 करोड़ और देश के 5.85 करोड़ लोगों ने कुल 49100 करोड़ का निवेश किया था। सबसे पहले जयपुर में इसका खुलासा होने पर एफआईआर दर्ज हुई थी। पीएसीएल कंपनी में हुए 48,000 करोड़ के घोटाले के मामले में हाल ही में खाचरियावास के घर पर ईडी ने छापेमारी की थी।

अग्रसेन गहलोत: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत के ठिकानों पर तीन साल पहले ईडी ने छापेमारी की थी। उनकी फर्म पर पोटाश खरीद कर किसानों को बेचने की जगह निर्यात करने के आरोप लगे थे। कस्टम विभाग ने साल वर्ष 2009 में उनकी फर्म पर 5.45 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

वैभव गहलोत: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत भी ईडी के निशाने पर रह चुके हैं। नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले ईडी ने समन जारी करके वैभव गहलोत को एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। अगस्त 2023 में ईडी ने होटल एंड रिसोर्ट से जुड़े समूह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस मामले में वैभव का नाम भी प्रमोटरों में शामिल माना गया था।

गोविंद सिंह डोटासरा: विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी ने राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी राजस्थान पेपर लीक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में की गई थी। ईडी को पेपर लीक मामले, मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला के जरिए रुपयों के लेनदेन की गुप्त शिकायत खिलाफ मिली थी।

पूर्व विधायक ओम प्रकाश हुड़ला: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही महुवा विधायक रहे ओम प्रकाश हुड़ला के ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी की थी। पेपर लीक माफिया और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में हुड़ला के ठिकानों पर ईडी ने रेड डाली थी।

पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना: गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे उदयलाल आंजना भी ईडी और इनकम टैक्स ने शिकंजा कसा था। मुंबई की ईगल इंफ्रा कंपनी के साथ उदयलाल की कंपनी नासिक स्पिनर्स और चेतक इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रही थी। ऐसे में अघोषित संपत्ति होने की सूचना पर आजंना के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।

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इन नेताओं के ठिकानों पर भी हुई थी छापेमारी

गहलोत राज में कैबिनेट मंत्री रहे राजेंद्र यादव के ठिकानों पर भी ईडी और आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। बता दें कि राजेंद्र यादव फ्लेक्सिबल पैकेजिंग कंपनी के डायरेक्टर हैं। इसके अलावा धर्मेंद्र राठौड़ और राजीव अरोड़ा के ठिकानों पर गहलोत राज के समय ईडी और आयकर विभाग की टीम ने रेड डाली थी।


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