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Madan Dilawar: प्रार्थना सभा में मदन दिलावर को देखकर रह गए दंग, 29 शिक्षकों में से 10 अनुपस्थित, मचा हड़कंप

सरकारी स्कूल में प्रार्थना होते ही शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की उपस्थित जांची। विद्यालय के 29 शिक्षकों में से केवल 10 अनुपस्थित मिले। जबकि एक दिन पूर्व सभी शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज मिली।

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Madan Dilawar

स्कूल में निरीक्षण करते शिक्षा मंत्री। फोटो- पत्रिका

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार को कोटपूतली बहरोड़ जिले के विराटनगर स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। शनिवार सुबह 7.45 बजे शिक्षा मंत्री दिलावर विद्यालय की प्रार्थना सभा में पहुंचे तो शिक्षक और विद्यार्थी दंग रह गए। प्रार्थना होते ही शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की उपस्थित जांची। विद्यालय के 29 शिक्षकों में से केवल 10 अनुपस्थित मिले। जबकि एक दिन पूर्व सभी शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज मिली।

प्रधानाचार्य अनिल कुमार जेवरिया भी पिछले 4 दिन से छुट्टी पर बताए गए। शिक्षक ऋषि राज वर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्य व एक शिक्षक चिकित्सा अवकाश पर है। शेष शिक्षकों की छुट्टी की कोई सूचना नहीं थी। इसके बाद मंत्री ने बच्चों की उपस्थिति जांचने के लिए रजिस्टर मंगाया। रजिस्टर संबंधित कक्षाध्यापक ने अपनी अलमारी में बंद होना बताया।

कक्षाध्यापक के अवकाश पर होने के कारण उपस्थिति रजिस्टर नहीं मिला और ना ही विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। विद्यालय की रोकड़ बही प्रधानाचार्य के घर पर होना बताया गया, जिसकी दूरभाष पर प्रधानाचार्य ने पुष्टि की। निरीक्षण में कई शिक्षकों की अनुपस्थिति, नामांकन में गिरावट, किताबों का वितरण न होना और खेल सामग्री की दुर्दशा जैसी अनियमितताएं मिली।

पाठय पुस्तकों का नहीं किया वितरण

बच्चों को नि:शुल्क वितरण के लिए विभाग द्वारा भेजी गई पाठ्य पुस्तक वितरित नहीं की गई। स्टॉक रजिस्टर की जांच से ज्ञात हुआ कि पुस्तक 23 अगस्त को ही प्राप्त हो गई थी, जिनकी संख्या 182 दर्ज है, जबकि रजिस्टर में विवरण में करीब 2000 पुस्तकों का वितरण बताया गया है।

कम नामांकन पर नाराजगी जताई

मंत्री ने कहा कि विद्यालय में उच्च माध्यमिक कक्षा में पांच संकाय संचालित हैं, लेकिन पांचों संकाय में नामांकन 60 मिला व कुल नामांकन 199 पाया गया। जिसमें महज 75 विद्यार्थी उपस्थिति मिले। जिस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए।

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मंत्री ने विद्यार्थियों से की चर्चा

निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के साथ चर्चा की और विद्यालय की व्यवस्थाओं व अध्यापकों को लेकर सवाल जवाब किए। शिक्षा मंत्री ने पूछा कि खेल का कालांश होता है या नहीं। बच्चों ने बताया कि शनिवार को खेल का कालांश होता है। इसके अलावा प्रतिदिन भोजन अवकाश के समय पर भी खेलने की अनुमति है।