
विकास जैन / जयपुर. ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम (जेवीवीएनएल) 20 हजार रुपए से अधिक बिल जमा कराने पर नकदी, चेक व डीडी नहीं लेगा। कोई अधिकारी या कर्मचारी जमा करेगा तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह व्यवस्था 15 जुलाई से लागू होगी। यह फैसला कृषि उपभोक्ताओं पर लागू नहीं होगा। जेवीवीएनएल के इस फरमान से देश भर में वैध तरीके से काम में लिए जाने वाले चेक व डीडी हमारे यहां मान्य नहीं होंगे।
डीडी तो भुगतान, फिर बंद कैसे
विशेषज्ञों का कहना है कि चेक के लिए यह नियम लागू हो सकता है, लेकिन डीडी तो एक तरह से भुगतान ही है। इसे प्रतिबंधित किया जाना समझ से परे है। यह फैसला ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा दिए जाने के नाम पर किया गया है। जबकि जेवीवीएनएल में आए दिन ऑनलाइन भुगतान में उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है।
दोहरा रवैया तो नहीं
आम उपभोक्ताओं के लिए जेवीवीएनएल ने ऑफलाइन पर जुर्माने तक का प्रावधान किया है। वहीं कृषि उपभोक्ताओं को पूरी राहत दे दी है। जुर्माना एलआइपी कनेक्शन पर 2 हजार रुपए और अन्य कनेक्शन पर 500 रुपए होगा। यह जुर्माना भुगतान प्राप्त करने वाली किसी भी कलेक्शन ऐजेंसी पर लगाया जाएगा।
इधर ऑनलाइन का हाल, जमा कराने पर भी बकाया
-ऑनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लॉटरी भी निकाली जा रही है।
-ऑनलाइन भुगतान के बाद भी जमा कराया पैसा कई बार बकाया ही दिखाया जा रहा है। इससे उपभोक्ता आए दिन परेशान हो रहे हैं।
डिजिटल को दे रहे बढ़ावा
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया गया है। ऑनलाइन में कोई अधिक परेशानी नहीं है। कभी-कभी ऑनलाइन भुगतान जमा कराने के बाद भी भुगतान ड्यू भले ही दिखाता हो, लेकिन वह वास्तव में जमा हो चुका होता है।
-आरजी गुप्ता, प्रबंध निदेशक, जेवीवीएनएल
उपभोक्ता के हित में नहीं
बिजली के बिल की राशि चेक और डिमांड ड्राफ्ट के जरिए नहीं लेने का निर्णय उपभोक्ता हित में नहीं है। चेक से लेन-देन में डिफॉल्ट होने की आशंका हो सकती है, लेकिन डीडी तो खरा पैसा है।
-अनिल माथुर, चेयरमैन, नेशनल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (राजस्थान)
Published on:
11 Jul 2018 06:25 am
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