
राजस्थान का सीमावर्ती जिला जैसलमेर एक बार फिर देश की तेल जरूरतों को पूरा करने का केंद्र बन गया है। ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने थार रेगिस्तान के बाघेवाला तेल क्षेत्र में उत्पादन का एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। 'जोधपुर सैंडस्टोन फॉर्मेशन' से होने वाले तेल उत्पादन में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यहाँ दैनिक उत्पादन 705 बैरल से बढ़कर अब 1,202 बैरल प्रतिदिन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है।
जैसलमेर के बाघेवाला फील्ड में निकाला जाने वाला यह कच्चा तेल (Crude Oil) एक लंबी यात्रा तय करता है।
आंकड़ों पर गौर करें तो राजस्थान के इस फील्ड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है:
थार के रेगिस्तान में मिलने वाला कच्चा तेल काफी 'भारी' (High Viscosity) होता है, जिसे पारंपरिक तरीकों से निकालना लगभग नामुमकिन था। ऑयल इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, इस सफलता का असली हीरो CSS तकनीक है।
बाघेवाला तेल क्षेत्र राजस्थान बेसिन के बीकानेर-नागौर उप-बेसिन में स्थित है। यह भारत के उन गिने-चुने ऑनशोर क्षेत्रों में से एक है जहाँ भारी तेल पाया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसलमेर की इस सफलता से भारत की आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी। थार का रेगिस्तान अब केवल पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि देश की 'ऊर्जा लाइफलाइन' के रूप में उभर रहा है। ऑयल इंडिया के एक अधिकारी ने कहा, "यह उपलब्धि थार क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय स्थितियों में हमारे तकनीकी कौशल का प्रमाण है और भारत की ऊर्जा लचीलापन को मजबूत करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।"
Updated on:
06 Apr 2026 11:22 am
Published on:
06 Apr 2026 11:22 am
