
अहमदाबाद. दीक्षार्थी मुमुक्षु माता सुमन एवं पुत्री भावना नाहटा का वर्धापना-वैराग्य की कार्यक्रम शहर के शाहीबाग िस्थत तेरापंथ भवन में आयोजित हुआ।
तेरापंथ धर्मसंघ के 11वें आचार्य महाश्रमण की शिष्या साध्वी अणिमा आदि ठाणा-5 ने कहा कि आत्म-कल्याण का यह मार्ग प्रशस्त हो। संसार की मोह-माया को छोड़कर संयम और वैराग्य के पथ पर चलते हुए माता-पुत्री धर्मसंघ एवं परिवार का नाम रोशन करें। साध्वी मैत्रीप्रभा ने कहा कि तेरापंथ की दीक्षा अनुशासन की दीक्षा है।
मुमुक्षु माता सुमन नाहटा ने कहा कि भौतिक ऋद्धि-सिद्धि हमारे साथ नहीं जाने वाली। संयम में पुरुषार्थ ही हमें आत्मा से परमात्मा की ओर ले जाने वाला बनेगा। मुमुक्षु पुत्री भावना नाहटा ने कहा कि आत्मा को जानना और देखना है तो हमें भीतर की ओर देखना होगा। भीतर को देखने का सशक्त मार्ग वैराग्य है।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा अहमदाबाद के अध्यक्ष राकेश सिपानी, तेरापंथ युवक परिषद अहमदाबाद के उपाध्यक्ष हैप्पी भरसारिया, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम अहमदाबाद के अध्यक्ष जागृत संकलेचा ने भी विचार व्यक्त किए।
लाडनूं में 20 सितंबर को लेंगी दीक्षा
राजस्थान की मूल निवासी दीक्षार्थी मुमुक्षु माता सुमनबाई नाहटा एवं मुमुक्षु पुत्री भावनाबाई नाहटा राजस्थान के नागौर जिले के लाडनूं ने 20 सितंबर को आचार्य महाश्रमण से साध्वी दीक्षा एवं समणी दीक्षा ग्रहण करेंगी।
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कैप्शन - वर्धापना-वैराग्य की कार्यक्रम में साध्वी व दीक्षार्थी मुमुक्षु।
Updated on:
02 Aug 2026 06:00 am
Published on:
02 Aug 2026 06:00 am
