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अतिक्रमण मुक्त अभियान ‘फेल’, बरामदे व सडक़ पर ‘दुकानें’

— परकोटे के बरामदें नहीं हो पाए खाली, बरामदों के साथ सडक़ पर भी अतिक्रमण, हैरिटेज नगर निगम के अभियान की हकीकत

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जयपुर

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MOHIT SHARMA

Mar 12, 2023

जयपुर. परकोटा क्षेत्र के बाजारों के बरामदे हैरिटेज नगर निगम की लाख कोशिश के बाद भी खाली नहीं हो पा रहे हैं। बरामदों में ‘दुकानें’ सज रही हैं, वहीं सडक़ भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ी हुई है। निगम दस्ता बाजारों में घूम रहा है, कार्रवाई के नाम पर सामान जब्त भी कर रहा है, लेकिन ढाई माह बाद भी बाजार और बरामदे अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं।
हैरिटेज नगर निगम ने दो माह पहले जनवरी में परकोटे में बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करवाने का अभियान शुरू किया। निगम सतर्कता शाखा की टीम की ओर से बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए कार्रवाई भी शुरू की। इसके बाद भी यहां के बारामदे पर्यटकों के लिए खाली नहीं हो पाए और न ही यहां के बाजारों में सुगम राह हो पाई। अतिक्रमण के चलते बाजारों में ट्रैफिक जाम जैसे हालात बने रहते हैैं। बरामदों में अभी भी दुकानें सजी नजर आ रही हैं। त्रिपोलिया बाजार, चांदपोल बाजार, जौहरी बाजार, किशनपोल बाजार और रामगंज बाजार के साथ घाटगेट बाजार में अतिक्रमण सबसे अधिक है। बरामदों में बढ़ता अतिक्रमण यहां के पर्यटकों और खरीददारों के लिए भी परेशानी बढ़ा रहा है। हालांकि निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही दुकानदार बाजारों से सामान हटा लेते हैं। ऐसे में सतर्कता शाखा की टीम पहुंचने से पहले ही कुछ जगह तो बरामदे खाली मिलते हैं, जो टीम के जाने के बाद फिर से बरामदे अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाते है।

कार्रवाई करने पहुंचे तो सामने आया अतिक्रमण
परकोटे के बाजारों में निगम का सतर्कता दस्ता आए दिन कार्रवाई करता दिखाई देता है। इसके बाद भी बाजारों में अतिक्रमण नहीं हट रहा है। बरामदों के हालात जस के तस बने हुए हैं। निगम के अभियान के दौरान टीम कार्रवाई करने पहुंची तो बरामदे में ही ढाबा और रेस्टोरेंट चलते मिले। सडक़ पर भट्टियां चलती पाई गई।

व्यापारी भी परेशान
चारदीवारी के बाजारों में हो रहे अतिक्रमण से व्यापारी भी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में सडक़ों पर भी अतिक्रमण है, इसलिए बरामदें भी खाली नहीं हो पा रहे हैं। जयपुर व्यापार महासंघ के अध्यक्ष सुभाष गोयल का कहना है कि शहर के सभी बाजार अतिक्रमण से मुक्त हों, इसके लिए सभी व्यापारी तैयार हैं, लेकिन बरामदों के साथ सडक़ सीमा से भी अतिक्रमण हटने चाहिए।

साल 2000 में ऑपरेशन पिंक में खाली करवाए बरामदे
जयपुर में साल 2000 में ऑपरेशन पिंक चला, तब शहर के बरामदें खाली करवाए गए। उसके बाद वर्ष 2012 में निगम प्रशासन व पुलिस से मिलकर ऑपरेशन परकोटा चलाया था, तब बरामदे, चौपड़ के खंदे व बाजारों से बड़ी तादात में अतिक्रमण हटाए गए। उसके बाद अब फिर हैरिटेज निगम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है।