
भर्ती मरीजों को भी नहीं मिल रही दवा।
जयपुर. सरकार नि:शुल्क इलाज के दावे कर वाहवाही बटोरी रही है। दूसरी ओर नि:शुल्क इलाज कराने में मरीजों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। मौजूदा हाल ये हैं कि भर्ती मरीजों को ही दवाइयों के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में इन दिनों ऐसा ही देखने को मिल रहा है। राजस्थान पत्रिका ने मरीजों की पीड़ा को देखते हुए पड़ताल की। जिसमें चौंकाने वाली स्थिति सामने आई है।
पड़ताल में वार्ड ऑर्थोपेडिक्स विभाग में भर्ती 88 वर्षीया धनवंती देवी के बेटे युगल किशोर ने बताया कि आरजीएचएस योजना के तहत इंजेक्शन, टेबलेट्स समेत अन्य दवाइयां नहीं मिल रही। दवा के लिए बार-बार काउंटर चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सात दिन में महज तीन दिन की ही दवा मिल रही है। अन्य दवाइयां निजी मेडिकल से खरीदनी पड़ रही है, जिसमें 3 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। महिला वार्ड में भर्ती मरीज केसर के परिजन ने बताया कि तीन दिन से दवाइयां नहीं मिल रही है। आरजीएचएस काउंटर पर जाते हैं तो वापस भेजा जा रहा है। पूछने पर कोई जवाब भी नहीं मिल रहा है। जिम्मेदारों को शिकायत भी कर चुके हैं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
फर्म को पैसा नहीं मिला
धन्वंतरि ब्लॉक के पहले तल पर बने आरजीएचएस काउंटर पर पहुंचे तो, बातचीत में वहां बैठे कार्मिकों ने दवा में देरी कारण कि फर्म को पैसा समय पर नहीं मिलना बताया। उन्होंने बताया कि 20 से 25 दिन से फर्म की मनमानी चल रही है। मरीजों की पर्चियों के ढेर लगे हैं। दवा कभी-कभार आ रही है। क्या करें। कहां से दें।
अब नहीं होगी दिक्कत
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया अब दिक्कत नहीं होगी। फर्म को भुगतान का इश्यू खत्म हो गया है। कभी-कभार दिक्कत होती है बाकि ऐसी कोई बात नहीं।
Published on:
26 Sept 2022 12:41 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
