
RPSC 2nd grade teacher exam paper Leak: वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा-2022 में राजस्थान लोक सेवा आयोग और प्रशासनिक सतर्कता को जालोर के पेपर माफिया ने धता बता दिया। आशंका के चलते आयोग ने जालोर सहित बाडमेर, डूंगरपुर, करौली और नागौर में परीक्षा केंद्र नहीं रखे थे। इसके बावजूद पेपर लीक मामले ने सरकार और आयोग को शर्मसार कर दिया।
आयोग ने राज्य में पेपर लीक के पुराने मामलों के चलते वरिष्ठ अध्यापक भर्ती (माध्यमिक शिक्षा विभाग)-2022 में सतर्कता बरती। खासतौर पर जालोर सहित बाडमेर, डूंगरपुर, करौली और नागौर में परीक्षा केंद्र नहीं रखे गए, लेकिन जालोर के माफिया ने चाक-चौबंद इंतजाम को तोड़ दिया।
जालोर के माफिया पड़े भारी
सांचौर और चितलवाना के सरकारी स्कूल शिक्षकों, परावा निवासी भूपेंद्र सारण, जैसला निवासी सुरेश ढाका जैसे पेपर माफिया ने 24 दिसंबर को ग्रुप-सी का सामान्य ज्ञान का पेपर लीक कर दिया। उदयपुर पुलिस द्वारा बस में पकड़े गए आरोपितों में रानीवाड़ा, जालौर, बागोड़ा व अन्य इलाकों के हैं।
एसआई परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल
बीते साल 13 से 15 सितंबर तक आयोजित सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 में अभ्यर्थियों को गृह जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं दिए गए थे। इसके बावजूद उदयपुर, पाली और बीकानेर में पेपर सॉल्व कराने के प्रयास करते आरोपियों को दबोचा गया। आरोपितों से मोबाइल और ब्लूटूथ भी जब्त किए गए।
कहां गए यह सुरक्षा इंतजाम
- केंद्रों के 50 से 100 किलोमीटर स्थित कोचिंग संस्थानों और छात्रावासों की छानबीन
- संदिग्धों के मोबाइल सर्विलांस पर
- पुलिस की साइबर सेल और आईटी विभाग की निगरानी
- पेपर माफिया पर परीक्षा पूर्व पुलिस की दबिश
- माफिया के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में कार्रवाई
- परीक्षा केंद्रों के आस-पास जैमर का इस्तेमाल
सर्विलांस-बायोमेट्रिक फिर भी नहीं
आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र यादव ने बीते साल परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक अटेंडेंस, मेटल डिटेक्टर से जांच, बॉडी स्कैनर, संदिग्धों, कोचिंग संस्थान संचालकों और इनके नजदीकियों के मोबाइल सर्विलांस जैसे सुझाव कार्मिक विभाग-सरकार को भेजे। इनमें से मेटल डिक्टेटर से जांच ही शुरू हो सकी है।
पुलिस-प्रशासन नहीं सतर्क
आरपीएससी परीक्षा नोडल एजेंसी है। उसे भर्ती परीक्षाओं के लिए सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य महकमो, केंद्रों के भरोसे रहना पड़ता है। सामान्य ज्ञान पेपर लीक मामले में पुलिस-प्रशासन और इंटेलीजेंस फेल दिखा है। परीक्षा पूर्व कोचिंग संस्थानों की आकस्मिक जांच, मुखबिरों से प्राप्त खुफिया जानकारी पर समय रहते त्वरित एक्शन नहीं लेने से राज्य में बार-बार पेपर लीक घटनाएं हुई हैं।
Published on:
27 Dec 2022 10:10 am
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