
lokesh sharma
नकुल देवर्षि/ जयपुर।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव की सियासी गर्माहट के बीच नेताओं के दल-बदल का सिलसिला भी परवान पर है। चुनाव के ऐन पहले तक बड़े पैमाने पर नेता अपनी पार्टी छोड़ प्रतिद्वंदी पार्टी का दामन थाम रहे हैं। इनमें जूनियर से लेकर दिग्गज नेताओं तक के नाम शामिल हैं।
इन्हीं हलचलों के बीच अब लेटेस्ट और बड़ी खबर ये है कि पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विशेषाधिकारी (OSD) रहे लोकेश शर्मा भी जल्द भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार लोकेश शर्मा की भाजपा में एंट्री को लेकर कवायद जारी है।
'पत्रिका डिजिटल' के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पूर्व सीएम के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा की पिछले दिनों भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं से 'गुपचुप' मुलाकातें हो चुकी हैं। सामने आया है कि राजस्थान में भाजपा के हालिया नियुक्त लोकसभा चुनाव प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे के साथ लोकेश शर्मा की मुलाक़ात हो चुकी है, जिसमें उनकी पार्टी में एंट्री तक को लेकर चर्चा हुई है। बताया यहां तक जा रहा है कि सहस्त्रबुद्धे और शर्मा के बीच दो से तीन दौर की मुलाक़ात हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार विनय सहस्रबुद्धे और लोकेश शर्मा के बीच एक दौर की वार्ता में खुद सीएम भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे। तब इन तीनों की एक बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई है।
सबसे बड़ा सवाल, क्या पूर्व सीएम के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा की भाजपा में एंट्री होती है या नहीं? और अगर ऐसा होता भी है, तो लोकसभा चुनाव की हलचलों के बीच कब तक? सवाल ये भी कि क्या लोकेश की भाजपा में एंट्री का कोई फायदा भाजपा को या नुकसान कांग्रेस को होता है या नहीं?
'पत्रिका डिजिटल' ने लोकेश शर्मा से भाजपा नेताओं से मुलाक़ात और आने वाले दिनों में संभावित एंट्री को लेकर बातचीत की। सवालों के जवाब में शर्मा ने इन मुलाकातों की खबरों से इनकार नहीं किया। हालांकि वजह का खुलासा करने से फिलहाल के लिए मना कर दिया। ऐसे में सूत्रों के हमले से निकली खबरों पर मुहर लगने की संभावनाएं बढ़ी हुई हैं।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा कई वजहों से सुर्ख़ियों में बने रहे। ख़ास तौर से कथित फोन टैपिंग प्रकरण पर लोकेश शर्मा का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में रहा। फिर उसके बाद शर्मा ने गहलोत और कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ उनकी बयानबाज़ी भी काफी चर्चाओं में रही।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान लोकेश शर्मा सीएम ओएसडी रहे। इसके अलावा भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर ज़िम्मेदारी संभाली। वे करीब ढाई दशक से कांग्रेस की सक्रीय राजनीति में रह चुके हैं।विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस सेन्ट्रल वॉर रूम के को-चेयरमैन की अहम जिम्मेदारी तक दी गई थी। उन्होंने चुनाव में टिकट की मांग भी की थी, लेकिन वंचित रह गए थे।
लोकेश शर्मा की भाजपा में संभावित एंट्री से किसे कितना फ़ायदा और किसे कितना नुकसान पहुंचेगा, ये देखना दिलचस्प रहेगा, लेकिन अगर ऐसा वाकई होता है तो इसे कुछ मायनों में तो कांग्रेस को झटका और भाजपा को बूस्ट मिलने से जोड़कर देखा जा सकता है।
लंबे वक्त तक कांग्रेस पार्टी से जुड़ाव और पूर्व सीएम अशोक गहलोत से नज़दीकी होने के चलते लोकेश शर्मा कई बातों के 'राज़दार' माने जाते हैं। उनकी भाजपा में एंट्री से पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए अन्य घोटालों की पोल खुल सकती है। वहीं रीट पेपर लीक से लेकर लाल डायरी प्रकरण और विधायकों के सामूहिक इस्तीफे जैसे गरमाये रहे मामलों को लेकर भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Updated on:
16 Apr 2024 02:33 pm
Published on:
16 Apr 2024 02:21 pm
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