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जयपुर। प्रदेश में ढाई माह बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर सत्ता प्राप्त का ख्वाब देख रही कांग्रेस पार्टी को अब घर में चुनौती मिलती दिख रही है। इसकी वजह है स्थानीय और बाहरी का मुद्दा। दरअसल एक दर्जन विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अपनी सीट की बजाए दूसरी सीटों पर ताल ठोक रहे हैं, जिससे उन सीटों पर दावेदारी जता रहे स्थानीय नेताओं में खासा रोष है।
बाहरी नेताओं के सक्रिय होने के बाद से स्थानीय नेताओं में हड़ंकप मचा हुआ है। स्थानीय कांग्रेसी नेताओं को डर है कि बाहरी नेता जुगाड़ कर टिकट ले आएंगे तो उनके राजनीतिक भविष्य का क्या होगा?ऐसे में स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने बाहरी नेताओं के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा दिया है।
स्थानीय नेताओं के बगावती तेवरों से आला नेता भी चिंतित हैं। जिन सीटों पर बाहरी नेता दावेदारी कर रहे हैं, उनमें राजधानी जयपुर की की कई सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर विरोध मुखर पार्टी के जानकार सूत्रों की माने तो बाहरी नेताओं का सबसे ज्यादा विरोध आदर्श नगर, किशनपोल, फतेहपुर और चूरू हैं।
इन चारों सीटों पर पार्टी अल्पसंख्यक वर्ग को प्रतिनिधित्व देती आई है। लेकिन इस बार कांग्रेस की सरकार बनने की संभावनाओं के चलते पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने इन सीटों पर दावेदारी जता दी है। आदर्श नगर से जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता और एक पूर्व काबीना मंत्री दावेदारी जता रहे हैं, तो वहीं किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में पिछले विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे एक नेता को बाहरी बताते हुए स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है।
यही हालात चूरू और फतेहपुर के भी हैं। फतेहपुर से एक पूर्व राज्यसभा सांसद ने दावेदारी कर रखी है तो चूरू में पूर्व प्रत्याशी को बाहरी बताते हुए स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने जयपुर से लेकर दिल्ली तक दौड़ लगा रखी है।
आला नेताओं सामने उठ चुकी मांग वहीं दूसरी ओर हाल में कई मौके ऐसे आएं हैं, जब स्थानीय और बाहरी का मुद्दा वरिष्ठ नेताओं के सामने भी उठ चुका है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पीसीसी चीफ सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेताओं के समक्ष स्थानीय नेताओं ने बाहरी नेताओं तो टिकट नहीं देने की मांग उठा चुके हैं।
स्थानीय नेताओं ने साफ कहा कि अगर अबकी बार भी स्थानीय नेताओं की उपेक्षा कर बाहरी नेताओं को टिकट दिए गए थे तो इस बार इन सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा।
इनका कहना है
पार्टी को स्थानीय नेताओं को मौका देना चाहिए, बाहरी नेताओं को टिकट देकर पार्टी पूर्व में इसका खमियाजा भुगत चुकी है।
निजाम कुरैशी, प्रदेशाध्यक्ष कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग
पार्टी ने दो बार बाहरी नेताओं को मौका दिया, क्या रिजल्ट रहा सबके सामने हैं, इस बार स्थानीय को मौका मिलना चाहिए।
ज्योति खंडेलवाल महासचिव प्रदेश कांग्रेस
Published on:
07 Oct 2018 12:20 pm
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