
जयपुर। राज्य में रबी उपज की खरीद प्रक्रिया में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करीब 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकता है। जबकि गेहूं का उत्पादन करीब 108 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान लगाया गया है। यह जानकारी गुरुवार को हुई बैठक में सामने आई।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव मुग्धा सिन्हा ने भारतीय खाद्य निगम, तिलम संघ, राजफेड, कृषि, कृषि विपणन बोर्ड, राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम, केंद्रीय भंडारण निगम के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें बताया गया कि किसानों की सुविधाओं को देखते हुए रजिस्ट्रेशन फार्म का सरलीकरण किया गया है।
अब रजिस्ट्रेशन फॉर्म में किसान का स्वयं का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पैन नम्बर एवं उनके बैंक अकाउंट की जानकारी दी जाएगी। गेहूं बेचने वाले किसानों के खाते में भारतीय खाद्य निगम सीधे राशि भेजेगा। बोए गए रकबे के हिसाब से इस बार उत्पादन लगभग 108 लाख मैट्रिक टन होगा। गेहूं बेचने वाले किसानों को पहले ई-मित्र एवं वेबपोर्टल पर ई-रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
किसानों की कर्ज माफी पर फिर मचा हंगामा
वहीं किसानों की कर्ज माफी का मामला आज फिर से विधानसभा में उठाया गया। प्रश्नकाल शुरू होते ही निर्दलीय विधायक नंदकिशोर महरिया ने कहा कि कल कर्ज माफी का सवाल आज लगने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह अब भी नहीं लगा। प्रतिपक्ष के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे पर चर्चा नहीं करवाना चाहती है।
मामले में प्रतिपक्ष के अन्य सदस्यों ने सरकार के किसानों की कर्ज माफी पर नहीं बोलने पर नाराजगी जताई। विधानसभा में राज्यपाल अभिभाषण पर चर्चा का आज चौथा दिन है। बहस पर आज शाम को सरकार की तरफ से जवाब दिया जाएगा। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष का भाषण होगा। विधानसभा की कार्यवाही आज सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी। सोमवार को सरकार की तरफ से विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा।
हर ब्लॉक में कॉलेज खोलने की मांग
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के हर ब्लॉक में कॉलेज खोले जाने की मांग उठी। जवाब में उच्चशिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने नियमों का हवाला देते हुए 30 किलोमीटर के दायरे में एक ही कॉलेज खोले जा सकने की मजबूरी बताई।
Published on:
09 Feb 2018 03:51 pm
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