
प्रतीकात्मक तस्वीर
जयपुर। सिंचाई कार्य के लिए किसानों को दिन में बिजली के लिए अभी दो साल और इंतजार करना होगा। राजस्थान प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। इससे किसानों को वर्ष 2027 तक दिन में बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को करौली जिले के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए हमने सरकार का गठन होते ही कृषि के लिए दो प्रमुख आवश्यकताओं बिजली और पानी पर विशेष ध्यान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाइयों को कृषि के लिए पानी तथा बिजली उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हम पूर्वी राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण ‘राम जलसेतु लिंक परियोजना’ पर तेजी से काम कर रहे हैं। इससे प्रदेश के 17 जिलों की आबादी को पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही शेखावटी क्षेत्र को पानी उपलब्ध कराने के लिए यमुना जल समझौता, उदयपुर संभाग के लिए देवास परियोजना तथा माही डेम परियोजना को आगे बढ़ाने एवं इन्दिरा गांधी नहर को पक्का करने जैसे कदमों से हमारे किसान भाईयों को सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं रहेगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य के युवाओं को बेरोजगारी के दंश से मुक्त कराने के लिए हमने पेपरलीक पर पूरी तरह से लगाम लगाते हुए उन्हें सरकारी नियुक्तियों का तोहफा दिया है। अब तक लगभग 60 हजार युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है और अगले कुछ माह में यह संख्या 1 लाख तक पहुंच जाएगी। इस प्रकार 5 साल में 4 लाख नौकरी देने के वादे को पूरा करने की ओर हमारी सरकार अग्रसर है। साथ ही हमने लगभग 81 हजार पदों के लिए भर्ती कैलेण्डर जारी करते हुए परीक्षा के आयोजन और परिणाम की तिथि भी तय कर दी है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से निजी कम्पनियों और उद्यमियों के साथ लगभग 35 लाख करोड़ के एमओयू प्रस्ताव किए गए हैं, जिससे निजी क्षेत्र में 6 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इस प्रकार निजी तथा सरकारी क्षेत्र में कुल मिलाकर 10 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
Updated on:
03 Feb 2025 10:59 am
Published on:
03 Feb 2025 10:45 am
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