
किसान अब अपनी बंजर जमीन पर कमा सकेंगे सोलर से पैसे
जयपुर। प्रदेश में बंजर व अनुपयोगी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए चयनित किसानों और विकासकर्ताओं को राहत दी गई है। कुसुम योजना (कम्पोनेंट-ए) के तहत प्रोजेक्ट लगाने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2022 तक कर दिया है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेषक सुबोध अग्रवाल के मुताबिक कि इसके अलावा जो किसान, विकासकर्ता योजना के अंतर्गत सौर संयंत्र लगाने के लिए बैंक से लोन नहीं ले पा रहे हैं, ऐसे आवेदकों को उनकी एक लाख रूपए प्रति मेगावाट धरोहर रशि तथा 5 लाख रुपए प्रति मेगावाट सुरक्षा राशि वापस लौटाई जाएगी। इस योजना के तहत प्रदेश में 623 किसान, विकासकर्ताओं की ओर से 722 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं का आवंटन किया गया है। इसमें से 7 प्रोजेक्ट से 9 मेगावाट विद्युत का उत्पादन शुरू हो चुका है।
योजना में किसान, विकासकर्ताओं से खरीदी गई बिजली का भुगतान विद्युत वितरण निगमों द्वारा समय पर किया जा रहा है। साथ ही विद्युत वितरण निगमों द्वारा सौर ऊर्जा उत्पादकों के पक्ष में लैटर ऑफ क्रेडिट (एल.सी) भी जारी कर रहे हैं। इसके बाद किसान और विकासकर्ताओं को परियोजना स्थापना के लिए बैंकों से लोन के लिए धक्के खाने नहीं पड़ रहे।
Published on:
10 Sept 2021 07:21 pm
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