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जयपुर। प्रदेशभर के निजी स्कूलों द्वारा की जा रही फीस वृद्धि का मामला बढ़ता ही जा रहा है। अभिभावकों के बढ़ते विरोध के बाद अब शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों के खिलाफ अब कार्रवाई शुरू की है। छह महीने बाद चेते विभाग ने फीस एक्ट की पालना नहीं करने वाले करीब 7 हजार निजी स्कूलों को नोटिस दिया है। इनमें से अधिकतर स्कूलों को नोटिस मिल भी गए हैं। गौरतलब है कि वर्तमान सत्र से 6 माह पूर्व स्कूलों को फीस कमेटी बनानी थी, जो अब तक नहीं बनी है। स्कूल स्तरीय फीस कमेटी बनाने के लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर ने स्कूलों को 7 दिन का समय दिया था वह भी अब निकल चुका है।
पोर्टल पर देनी है सूचना
निजी स्कूलों को माता—पिता अध्यापक संगम का गठन कर विद्यालय स्तरीय फीस समिति बनानी है और उसकी सूचना प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर अपलोड करनी है। इसकी सूचना स्कूल के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करनी है। ऐसा नहीं करने पर उनकी मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
फीस अधिनियम की पालना कराना राज्य सरकार के पास
निदेशक ने स्कूलों को दिए नोटिस में बताया कि नोटिस के दायरे में सभी निजी स्कूल है चाहे वे राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध हो या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से। उन्होंने बताया कि राजस्थान विद्यालय फीस अधिनियम 2016 एवं नियम 2017 की पालना कराया जाना राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में है। आदेशों की पालना नहीं करने पर कार्रवाई का भी अधिकार राज्य सरकार के पास है।
ये है मामला
वहीं दूसरी ओर प्रदेश में बढ़ी हुई फीस को लेकर निजी स्कूलों और अभिभावकों में विवाद बढ़ता जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल संचालक फीस एक्ट के प्रावधानों का पालन नहीं कर रहे और मनमानी कर रहे हैं। इसके बाद विभाग ने पता किया तो सामने आया कि करीब 7 हजार निजी स्कूलों ने फीस एक्ट के आधार पर स्कूल स्तरीय फीस कमेटी ही नहीं बनाई है और मनमानी फीस ले रहे हैं। यह कमेटी उन्हें छह महीने पहले ही बना लेनी चाहिए थी। इस बीच जयपुर के विद्याश्रम स्कूल के अड़ियल रवैये के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया। स्कूल प्रबंधन ने फीस एक्ट का पालन नहीं करके उल्टे डीईओ को ही फीस एक्ट का पाठ पढ़ा दिया था। इससे गुस्साए शिक्षा निदेशक ने पहले तो विद्याश्रम स्कूल को कानून व नियमों के आधार पर बढ़ाई गई फीस वापस लेने और कानून की पालना नहीं करने पर एनओसी रद्द करने का नोटिस जारी किया।
Published on:
28 Apr 2018 10:07 am
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