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इससे बड़ा दुख क्या होगा एक पिता के लिए… जवान बेटे की अर्थी को दिया कंधा, खुश थे बेटा नौकरी लग गया.. क्या पता ये नौकरी बेटे को निगल जाएगी

पिता निजी वाहन चलाते हैं और घर में एक भाई और बहन हैं। मां का रो रोकर बुरा हाल है। जवान बेटे की मौत के बाद पूरे मौहल्ले में शांति छाई हुई है।
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जयपुर

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Jayant Sharma

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Updated: 26 Apr 2023, 12:04 PM IST

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जयपुर
जयपुर में 25 साल के एक नौजवान ने खुदखुशी कर ली। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। पिता का कहना है कि इससे बुरा क्या हो सकता है कि जवाब बेटे की अर्थी उठानी पड रही है। शुभम ने बेहतर जीवन के सपने देखे थे हर आम युवा की तरह, लेकिन उसे मौत मिली। सुसाइड नोट लिखकर उसने जान दे दी और अब पुलिस उसके शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप रही है। मामला जयपुर क्रे ब्रहम्पुरी थाना इलाके का है।

पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र के कागदीवाड़ा इलाके का रहने वाल शुभम 22 साल का था। उसने अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। वह किसी फाइनेंस कंपनी में काम करता था। कंपनी में करीब सात से आठ महीने पहले ही उसने काम शुरु किया था। लेकिन पिछले तीन चार महीने से ज्यादा पेरशान था। सुसाइड़ नोट मंे कंपनी के पदाधिाकरी संजीव सैन का नाम लिखा गया है। संजीव के लिए लिखा गया है कि वह लगातार दबाव बना रहा था और काम का प्रेशर बढाए जा रहा था।

कंपनी ने दो महीने की पगार नहीं दी। कंपनी फ्रॉड है। कंपनी में काम करने वाले अन्य लोगों से भी इस बारे में बातचीत की जा सकती है। पुलिस को कंपनी का नाम भी बताया गया है। उधर बेटे की मौत के बाद मात पिता के हालात खराब हैं। पिता निजी वाहन चलाते हैं और घर में एक भाई और बहन हैं। मां का रो रोकर बुरा हाल है। जवान बेटे की मौत के बाद पूरे मौहल्ले में शांति छाई हुई है।