
घर के बाहर खड़ी पुलिस की गाड़ी और इनसेट में आरोपी संदीप। फोटो: पत्रिका
जयपुर। सरकारी कर्मचारी महिला से बलात्कार के वांटेड योगेन्द्र शर्मा की सूचना पर बजाज नगर थाना पुलिस के स्पेशल टीम के दो जवान रामनगरिया स्थित नंदन एनक्लेव में पहुंचे। जिस मकान में आरोपी की सूचना थी, उस मकान का गेट खुलवाने के लिए जवान रामवतार ने दरवाजा खटखटाया।
आरोप है कि घर में योगेन्द्र तो नहीं था, लेकिन आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार हो चुका संदीप शर्मा था। संदीप ने घर के अंदर से गेट पर खड़े पुलिसकर्मी पर फायर कर दिया। जाली के गेट को भेदती हुई गोली रामवतार की अंगुली को टच करते हुए निकल गई। जवान बचने के लिए पीछे हटा, तभी आरोपी संदीप दीवार फांदकर मकान के बगल में खड़ी एसयूवी में बैठकर भाग गया। मौके पर मौजूद रामनगरिया थाना की पीसीआर ने एसयूवी का पीछा किया, लेकिन करीब छह किलोमीटर दूर गोनेर रोड सिरोली की पहाड़ी तक खटारा पीसीआर में सवार पुलिसकर्मियों को एसयूवी नजर आई। उसके आगे एसयूवी ओझल हो गई।
देर रात तक आरोपी का पता नहीं चल सका। आरोपी संदीप के घर से पुलिस की एक हथकड़ी, 9 कारतूस व तलवार मिली, जिन्हें रामनगरिया थाना पुलिस ने जब्त कर लिया। सांगानेर एसीपी विनोद शर्मा ने बताया कि आरोपी संदीप के खिलाफ आर्म्स एक्ट के अलावा जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया जाएगा। आरोपी के पकड़े जाने के बाद पता चलेगा कि हथकड़ी कहां से लाया। चंदलाई स्थित बोहरों का बास निवासी योगेन्द्र शर्मा और दौसा संदीप शर्मा के बीच क्या संबंध है, उनके पकड़े जाने के बाद पता चलेगा।
स्पेशल टीम के जवान रामवतार व धर्मेन्द्र को 10 दिन पहले दर्ज हुए बलात्कार के आरोपी योगेन्द्र शर्मा के नंदन एनक्लेव में होने की पुख्ता सूचना मिली। दोनों रामनगरिया थाने की पीसीआर को लेकर बाइक से मौके पर पहुंचे। धर्मेन्द्र मकान के पीछे व पीसीआर पर तैनात हैड कांस्टेबल नाहरसिंह तीन मंजिला मकान में भूतल पर सीढ़ियों के पास वाले गेट पर खड़े हो गए। पीसीआर चालक मकान के एक तरफ बगल में गाड़ी खड़ी कर दी। रामवतार आगे वाले गेट पर पहुंचकर योगेन्द्र को आवाज लगाई, तभी संदीप फायर कर करीब छह सात फीट ऊंची दीवार कूदकर एसयूवी में बैठकर भाग गया।
मालवीय नगर एसीपी आदित्य पूनिया ने बताया कि आरोपी संदीप शर्मा को डेढ़ माह पहले हथियार मिलने पर खोह नागोरियान थाने में गिरफ्तार किया था। नंदन एनक्लेव घर पर उसकी पत्नी उर्वशी मिली। छत्तीसगढ़ निवासी उर्वशी ने बताया कि 2020 में कानपुर के एक मंदिर में संदीप से मुलाकात हुई थी। तब उसने प्रॉपर्टी का काम करना बताया था। गत 30 अप्रेल को संदीप ने जयपुर बुलाकर उससे शादी की। मकान मालिक जगदीश प्रसाद मीना ने बताया कि ढाई माह पहले संदीप ने एक कंपनी में काम करने की कहकर मकान किराए से लिया था। उसका पुलिस वेरिफिकेशन भी नहीं करवाया था। संदीप के खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज होना बताया जा रहा है।
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Updated on:
2 Jun 2025, 8:23 AM IST
Published on:
2 Jun 2025, 7:24 AM IST
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