
एसओजी कार्यालय। फाइल फोटो पत्रिका
जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा क्षेत्र में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई) के फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए 'डॉक्टर' बनने के संगठित खेल का एसओजी ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अब तक की कार्रवाई में 90 संदिग्ध डॉक्टरों में से 20 को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूरे मामले में अब तक कुल 23 गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा और नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर भी शामिल हैं। एसओजी ने संकेत दिए हैं कि जांच के दायरे में आए अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
एसओजी की जांच में सामने आया है कि विदेश से चिकित्सा की डिग्री लेकर आने वाले उन अभ्यर्थियों को निशाना बनाया जाता था जो एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर पाते थे। गिरोह के सदस्य इन अभ्यर्थियों को फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) के माध्यम से रजिस्ट्रेशन और इंटर्नशिप दिलवा रहे थे। इस अवैध कार्य के लिए प्रति प्रमाण पत्र 25 से 35 लाख रुपए तक की मोटी रकम वसूली जा रही थी।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों की शिकायत मिलने पर मुकदमा संख्या 34/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान करौली में इंटर्नशिप कर रहे आरोपी पीयूष त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसके जरिए देवेंद्र, शुभम और भानाराम की भूमिका सामने आई, जिन्हें भी गिरफ्तार किया गया।
इस फर्जीवाड़े में केवल दलाल ही नहीं, बल्कि विभागीय स्तर पर भी गहरी मिलीभगत उजागर हुई है। एसओजी अब इस नेटवर्क की गहराई तक जाने के लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस पूरे खेल में कई और रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं, जिनका खुलासा आने वाले दिनों में होगा। फिलहाल एसओजी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच में सामने आया कि फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्रों के आधार पर आरएमसी से इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन दिलाने वाला एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इसमें आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई। आरएमसी अधिकारी प्रति प्रमाण पत्र के 10 से 12 लाख रुपए लेते थे। इसके अलावा फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले 2 लाख रुपए लेते और शेष राशि दलाल आपस में बांट लेते थे।
Updated on:
28 Mar 2026 07:48 am
Published on:
28 Mar 2026 07:44 am
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