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असम और दिल्ली के मेहमानों को खूब भाया राजस्थानी जायका, किसी ने दाल-बाटी-चूरमा तो किसी ने कैर-सांगरी का लिया स्वाद

कार्यक्रम में राजस्थानी पकवानों के स्टॉल के अलावा राजस्थानी हस्तशिल्प के भी कई स्टॉल लगाए गए थे, तो वहीं वहां मौजूद राजस्थानी कलाकारों ने अपने कार्यक्

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जयपुर

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Punit Kumar

Sep 02, 2017

assam and delhi to enjoy rajasthani cuisine

राज्य की सीएम वसुंधरा राजे ने पीएम मोदी की पहल पर शुरु किए गए एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली में स्थित असम भवन में राजस्थानी फूड फेस्टिवल का शुभारंभ किया। यह आयोजन असम और राजस्थान के पार्टनर स्टेट के रुप में आयोजित की गई थी। इस दौरान सीएम ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम के जरिए देश के राज्यों के बीच आपसी संबंधों में मजबूती आएगी तो वहीं सांस्कृति आदान-प्रदान के लिए हमें उत्तर-पूर्व से पश्चिम तथा दक्षिण से उत्तर भारत तक ऐसे कार्यक्रमों और आयोजनों को बढ़ावा देने की जरुरत है।

इस दौरान असम भवन में आयोजित राजस्थानी फूड फेस्टिवल के कार्यक्रम स्थल को राजस्थानी कलेवर को ध्यान रखते हुए सतरंगी रंगों में सजाया गया था। जबकि फूड फेस्टिवल में आए लोगों ने प्रदेश के लजीज पकवानों दाल-बाटी-चूरमा, मूंग की दाल का हलवा, कैर-सांगरी, बेसन गट्टे की सब्जी, लाल मांस, जलजीरा, पापड़, राजस्थानी पकौड़ियां, चटनी आदि का जमकर लुफ्त उठाया।

कार्यक्रम के शुभारंभ के दौरान सीएम वसुंधरा राजे ने पीएम नरेद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके पहल से शुरु किए आयोजन में देश की विविधता में एकता की खुशबू महसूस की जा सकती है। साथ ही यह अभियान राष्ट्र एकता को और अधिक बल देने के साथ ही इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की कला संस्कृति और इतिहास के अलावा यहां की हस्तशिल्प काफी समृद्ध है, और यहां की बहुरंगी संस्कृति के साथ खास पकवान भी लोगों को खूब भाता है।

इस कार्यक्रम में जहां राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न राज्यों के आमंत्रित मेहमान मौजूद थे तो वहीं असम के उद्योग एवं परिवहन मंत्री चंद्रमोहन पटवारी, असम विधानसभा के डिप्टी स्पीकर दिलीप कुमार पाॅल, सांसद भुवनेश्वर कलिता समेत केंद्र सरकार के कई अधिकारी भी थे। आयोजन के समय सीएम ने राजस्थानी भाषा में सूचना पट्ट पर पधारो म्हारो देस भी लिखा।

कार्यक्रम में राजस्थानी पकवानों के स्टॉल के अलावा राजस्थानी हस्तशिल्प के भी कई स्टॉल लगाए गए थे, तो वहीं वहां मौजूद राजस्थानी कलाकारों ने अपने कार्यक्रम के जरिए सभी मेहमानों का भरपूर मनोरंजन किया। सबसे खास यह कि समारोह के दौरान सीएम वसुंधरा राजे का असमी और राजस्थानी परंपरा के मुताबिक तिलक लगाकर उन्हें सम्मानित भी किया गया। इस कार्यक्रम में गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज राजस्थान के रामसिंह चौहान ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।