
पूर्व मंत्री महेश जोशी जेजेएम घोटाले में घिरे, पत्रिका फाइल फोटो
Rajasthan Jal Jeevan Mission Scam: राजस्थान में जल जीवन मिशन (JJM) में हुए हजारों करोड़ के घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी जांच तेज कर दी है। एसीबी की चार्जशीट और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह संकेत मिल रहे हैं कि यदि इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध होता है, तो पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी और सेवानिवृत्त आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित अन्य आरोपियों को अधिकतम 10 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा हो सकती है।
एसीबी की विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी से शुक्रवार को करीब 8 घंटे तक पूछताछ की। जांच का मुख्य केंद्र 'इरकोन' की ओर से भेजी गई वह गोपनीय ई-मेल थी, जिसमें ठेकेदारों की ओर से किए जा रहे फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई थी।
सवाल: इरकोन के सीईओ ने जब ई-मेल भेजकर फर्जीवाड़े की सूचना दे दी थी, तो आपने संबंधित कमेटी के गठन को मंजूरी क्यों दी?
जवाब: जोशी ने कथित तौर पर बताया कि विभागीय अधिकारियों ने उनके पास फाइल भेजी थी और उनकी अनुशंसा के आधार पर ही इसे आगे बढ़ाया गया।
सवाल: यह ई-मेल 'गोपनीय' थी, फिर इसकी जानकारी विभाग से बाहर ठेकेदारों तक कैसे पहुंची?
जवाब: जोशी का तर्क था कि इस सूचना की जानकारी विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों को भी थी, इसलिए लीक होने का स्रोत कोई भी हो सकता है।
सवाल: क्या संजय बड़ाया के जरिये ही विभाग में रिश्वत का नेटवर्क संचालित हो रहा था?
जवाब: (सूत्रों के अनुसार, अधिकांश सवालों पर जोशी ने चुप्पी साधे रखी या अनभिज्ञता जताई)।
एसीबी की जांच में सामने आया है कि संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले की अहम कड़ी है। चार्जशीट में उसे पूर्व मंत्री के लिए दलाली करने और जलदाय विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों के बीच 'रिश्वत के लेन-देन' का सूत्रधार बताया गया है। फिलहाल बड़ाया विदेश में है और एसीबी उसके लौटने का इंतजार कर रही है ताकि पूरे 'कैश ट्रेल' का खुलासा हो सके।
एसीबी एसआइटी के सुपरविजन अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह के नेतृत्व में मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। गुरुवार को हिरासत में लिए जाने के बाद अदालत ने महेश जोशी को 11 मई तक एसीबी रिमांड पर भेज दिया है। एसीबी अब यह कड़ियां जोड़ रही है कि कैसे एक गोपनीय चेतावनी को नजरअंदाज कर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र वाले ठेकेदारों को करोड़ों के वर्क ऑर्डर जारी किए गए।
Updated on:
09 May 2026 07:55 am
Published on:
09 May 2026 07:51 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
