
गैंगस्टर आनंदपाल के शव का रतनगढ़ एडीजे कोर्ट के आदेश पर दुबारा पोस्टमार्टम कराने के बाद अब शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। शनिवार सवेरे शव को भारी सुरक्षा के बीच आनंदपाल के गांव नागौर के सांवराद भेजा गया। शव को लेकर सांवराद पहुंची पुलिस टीम ने शव परिजनों को सौंप दिया और बाद में पुलिस अफसरों को इसकी जानकारी दी।
बड़ी बेटी चीनू के दुबई से भारत आने पर कल आनंदपाल का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों ने ये जानकारी दी है। उधर अब सांवराद गांव में भारी पुलिस जाब्ता लगाया गया है। गांव में आने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। अब पुलिस के सामने यह चुनौती है कि गांव में अंतिम संस्कार के समय या उसके बाद माहौल खराब नहीं हो। गौरतलब है कि चूरु और नागौर में कई जगहों पर धारा 144 लागू की गई है। नागौर में तो आज इंटरनेट का प्रयोग भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
... तो जिंदा होता आनंदपाल!
आनंदपाल के वकील एपी सिंह का दावा है कि आनंदपाल के राजस्थान सरकार के चार मंत्रियों से सीधे संबंध थे। आनंदपाल ने ही इन्हें नीचे से मंत्री पद तक पहुंचाया। इनका हर राज आनंदपाल के पास था। ऐसे में इन मंत्रियों को राज खुलने का डर था। इन मंत्रियों ने आनंदपाल का सरेंडर नहीं होने दिया और योजनाबद्ध तरीके से फर्जी एनकाउंटर किया गया।
एडवोकेट एपी सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में उन्होंने आनंदपाल को सरेंडर करवाने के काफी प्रयास किया। इसके लिए वे राज्यपाल और गृहमंत्री से भी मिले। स्वयं का वकालत नामा पेश कर कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी और सीबीआई से मामलों की जांच के साथ वीसी से पेशी करवाई जाए तो आनंदपाल सरेंडर कर सकता है, लेकिन अभी तक उनका कोई जवाब नहीं आया है। उनका कहना है वह सरकार के भरोसे ना रहकर मीडिया के सामने अगर आनंदपाल का सरेंडर करवा देते तो आज आनंदपाल जिंदा होता।
Published on:
01 Jul 2017 11:18 am
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