
जयपुर। Maharana Pratap Jayanti 2019 - इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाने वाले वीर राजपूत राजा महाराणा प्रताप की आज 479वीं जयंती है। महाराणा प्रताप ने कई सालों तक मुगल सम्राट अकबर के साथ संघर्ष किया। उन्होंने मुगलों को कई बार युद्ध में हराया भी।
देशभक्ति और शूर वीरता के मिसाल थे
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि महाराणा प्रताप स्वतंत्रता के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले पराक्रमी पुरुष थे। महाराणा प्रताप स्वाभिमानी, देशभक्ति और शूर वीरता के मिसाल हैं और नई पीढ़ी को उनके गुणों का अनुसरण करना चाहिए।
शेखावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप की 479वीं जयंती पर आज हम उन्हें कृतज्ञ भाव से नमन कर रहें हैं, जिन्होंने धर्म व मातृभूमि की रक्षार्थ सर्वस्व न्योछावर कर 'हिंदुआ सूरज' का आदित्य अलंकरण पाया एवं वीर शिरोमणी कहलाकर अमर हो गए। आज हम इस महान योद्धा का स्मरण कर अपनी मातृभूमि के उत्थान व विकास का प्रण लें।
मान-सम्मान को कभी नहीं झुकने दिया
इतिहास कहता है कि महाराणा प्रताप को सबसे अधिक फिक्र मान-सम्मान की थी। उन्हें धन-दौलत और गहनों की कोई परवाह नहीं थी। वह कभी धन-दौलत गंवाने में पीछे नहीं रहे। लेकिन अपने मान-सम्मान को उन्होंने कभी झुकने नहीं दिया।
2 दिन क्यों मनाई जाती है महाराणा प्रताप की जयंती?
गूगल और विकीपीडिया पर महाराणा प्रताप के जन्म की तारीख 9 मई लिखी हुई है। इसके अनुसार लोग महाराणा प्रताप जयंती 9 मई को मानते हैं, जबकि मेवाड़ में महाराणा प्रताप की जयंती तारीख से नहीं बल्कि तिथि के अनुसार मनाई जाती है। महाराणा प्रताप स्मारक समिति के सचिव युद्धवीर सिंह के अनुसार, हिन्दू पर्व तिथि से मनाए जाते हैं, इसलिए महाराणा प्रताप जयंती भी हमेशा परंपरागत तरीके से तिथि के अनुसार मेवाड़ में मनाई जाती है। इस वर्ष 6 जून को महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाएगी।
Updated on:
06 Jun 2019 11:33 am
Published on:
06 Jun 2019 11:29 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
